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एएसपी के सामने बयान कलमबद्ध कराते समय भावुक हुई आईटीआई की महिला कर्मी

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। आईटीआई विद्यार्थियों और स्टाफ पर हुए लाठीचार्ज और फायरिंग के मामले में सोमवार को एएसपी मुकेश कुमार के सामने आईटीआई की महिला कर्मचारी भावुक हो गईं। बयान दर्ज कराते समय जब एएसपी मुकेश कुमार ने महिला कर्मचारियों से घटनाक्रम के बारे मेें पूछा तो महिला कर्मचारी भावुक होकर बोलीं, सर हम कैसे बताएं हमारे साथ क्या हुआ। पुलिस ने हमें ऐसी गालियां दी हैं, जिन्हें हम आपको बता नहीं सकते। लाठियों से बचने के लिए जब सभी महिला कर्मचारी एक कमरे में बंद हो गईं और दरवाजे बंद कर लिए तो पुलिस कर्मचारियों ने उन दरवाजों को भी तोड़ने की कोशिश की।
बता दें कि इस मामले में दो स्तर से जांच की जा रही है, एक मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक कर रहे हैं, वहीं पुलिस की भूमिका की जांच एएसपी मुकेश कुमार कर रहे हैं। रविवार को एसडीएम के सामने आईटीआई के प्रिंसिपल और चार अन्य अनुदेशकों ने अपने बयान दर्ज कराए थे और लाठीचार्ज की वीडियो उनको सौंपी थी। सोमवार को एएसपी के सामने आईटीआई की महिला कर्मचारी पेश हुई। इनमें तीन ग्रुप इंस्ट्रक्टर समेत कुल आठ महिला कर्मचारी शामिल रहीं। कुछ और महिला कर्मचारियों की ओर से एक दो दिन में भी बयान दर्ज कराए जा सकते हैं।
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प्रिंसिपल बोले, लाठीचार्ज करने वालों की हो परेड
एएसपी के सामने आईटीआई के प्रिंसिपल बलदेव सिंह ने सोमवार को अपने बयान दर्ज कराए, जिसमें उन्होंने सुबूत के रूप में कुछ वीडियो भी पेश किए। इन वीडियो में पुलिस इंस्पेक्टरों सहित कई पुलिसकर्मी अभद्रता, मारपीट करते दिख रहे हैं। इस वीडियो के साथ उन्होंने एएसपी के सामने कहा कि, लाठीचार्ज करने वालों की वे शनाख्त कर सकते हैं, इसलिए उनकी स्टाफ के सामने परेड कराई जाए। प्रिंसिपल ने सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह का नाम लेते हुए उन पर आरोप जड़े हैं। प्रिंसिपल का कहना है कि सीसीटीवी की डीवीआर इंस्पेक्टर ने उठाई और स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया। इनके अलावा, बयान देने वालों में गुरजीत सिंह, सुशील कुमार, अशोक कुमार और सुलतान सिंह शामिल रहे।
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