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किसानों को फूटा गुस्सा, बोले 1700 रुपए में खरीदकर दे रहे हैं 1770 रुपए के पर्चे, चहेते आढ़तियों की दुकान पर ही हो रही है सरकारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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निगदू (करनाल)। सरकारी खरीद को लेकर निगदू अनाज मंडी में दोबारा किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बार किसानों के साथ आढ़ती भी प्रदर्शन में शामिल रहे। किसानों और आढ़तियों ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला फूंका और फिर प्रदर्शन करते हुए अनाज मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद किसानों व आढ़तियों ने निलोखेड़ी-ढांड एनकेडी रोड पर धरना दे दिया।
सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब छह घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा और वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। किसानों ने आरोप लगाया कि राइस मिलर्स व कुछ आढ़ती मिलकर किसानों को लूट रहे हैं। धान में नमी बताकर किसानों की धान 1700 रुपये में खरीदी जाती है और फिर 1770 रुपये का पर्चा किसानों के हाथ में पकड़ा दिया जाता है। इतना ही नहीं मार्केट कमेटी के चेयरमैन की सरकारी एजेंसी और राइस मिलर्स के साथ सेटिंग है वह अपने चहेते आढ़तियों की दुकानों पर ही सरकारी खरीद करवा रहे हैं, बाकी के आढ़ती बोली आने का इंतजार करते रहते हैं।
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जाम की सूचना मिलने पर निसिंग-बुटाना दोनों थाना प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच और किसानों को आश्वासन दिया कि कल से हर आढ़ती की दुकान पर जाकर एजेंसी खरीद करेगी। किसान राजेंद्र घोलुपरा, मंडी आढ़ती कर्मबीर मोहड़ी, राजपाल शर्मा कारसा डोड, राजबीर सिंह, रामपाल आदि उपस्थित रहे।

चार दिन पहले भी लगाया था जाम, विधायक ने किया था निरीक्षण, नहीं हुआ समाधान
बता दें कि 3 अक्तूबर को भी अनाज मंडी में धान ना बिकने पर किसानों और आढ़तियों ने करीब तीन घंटे तक एनकेडी रोड को जाम कर दिया था। जिस पर खरीद एजेंसी डीएफएससी के उच्च अधिकारी कुशल बुरा ने मौके पर किसानों का एक-एक दाना खरीदने का आश्वासन दिया था। तो वहीं 4 अक्तूबर को हल्का विधायक नीलोखेड़ी भगवान दास कबीर पंथी ने भी निगदू अनाज मंडी का औचक निरीक्षण कर खरीद एजेंसी और व्यापारियों के साथ बैठक कर किसानों की धान खरीदने का आदेश दिया था, लेकिन खरीद एजेंसियों व खरीददार पर उच्च अधिकारियों व हल्का विधायक के आदेश का कोई असर नहीं है।

डीसी साहब, अब आप देखो मंडी का हाल
किसानों ने दुखी अवस्था में जिला उपायुक्त को निगदू अनाज मंडी का निरीक्षण कर उसकी दशा को देखने की मांग की। किसानों का कहना है कि डीसी साहब अब आप ही देखों मंडी का हाल। अनाज मंडी में किसानों की बहुत बुरी हालात बनी हुई है। किसान कई-कई दिनों से मंडी में अपने सोने को लेकर पड़ा हुआ है।

सुखाते-सुखाते चावल निकल आए : किसान
मंडी में सप्ताह से अपनी धान की फसल को लेकर पड़े क्षेत्र के किसान मंगत राम, राम सिंह, बलवान कुमार, राम चन्द्र, मोहन सिंह, सुगन सिंह, मनी राम व रती राम का कहना है कि एक सप्ताह पहले वह मंडी में अपनी फसल को लेकर आए थे, लेकिन उनकी फसल को अभी तक खरीदने के लिए कोई खरीद एजेंसी व खरीददार नहीं पहुंच पाया, जिसके कारण उन्हें अपना काम-काज छोड़ मंडी में मजबूरन रात गुजारनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि उनकी धान को लेने के लिए कोई भी खरीद एजेंसी आगे आने के लिए तैयार नहीं है। किसानों का कहना है मंडी में धान को सुखाते-सुखाते उसके चावल तक निकल आए है।

जिसके पास खरीद उसकी बिकती धान : आढ़ती
मंडी गेट के पास किसानों के साथ जाम लगाए हुए आढ़तियों का कहना है कि अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारी केवल उन दुकानों का धान खरीदते हैं, जिन्होंने धान खरीदने के लिए सरकारी खरीद एजेंसी का लाइसेंस लिया हुआ है। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसी और खरीददारों में आपसी मिलीभगत बनी हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी धान के पास आते ही खरीद एजेंसी अधिकारी व खरीददार मुंह पर कपड़ा लपेट लेते हैं या फिर नमी बताकर चले जाते हैं।
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मार्केट कमेटी निगदू के चेयरमैन जयपाल सावंत ने बताया कि मंडी में ज्यादा नमी की धान आई हुई है। इस लिए राइस मिलर्स को वह धान खरीदने में नुकसान हो रहा है। 17 प्रतिशत की नमी की धान आई हुई वह एकदम से बिक रही है। किसान व राइस मिलर्स दोनों के बारे में सरकार को सोचना पड़ता है। सोमवार शाम 4 बजे के करीब मंडी में दर्जनों राइस मिलर्स आए जिन्होंने मंडी से धान की फसल को खरीदा है। निगदू अनाज मंडी में किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
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