अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। असंध स्थित मेडेस्टो कीटनाशक की फैक्टरी और कुंजपुरा स्थित अग्गी फीड पर चल रहे आयकर विभाग के सर्वे के दौरान दोनों ने करोड़ों रुपये सरेंडर किए हैं। आयकर विभाग के अनुसार, मेडेस्टो के संचालक ने 2. 45 करोड़ रुपये कुंजपुरा स्थित अग्गी पोल्ट्री फीड संचालक ने 3.75 करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। उधर, विभाग की कार्रवाई से अन्य उद्योगपतियों में हड़ंकप मचा हुआ है। सूत्रों का दावा है कि शहर के कई राइस मिलर्स और ज्वेलर्स विभाग के रडार पर हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर से ही विभाग की अलग अलग टीमों ने असंध और कुंजपुरा में प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान दोनों ही स्थानों पर अलग अलग टीमों ने दो दिन तक दस्तावेज खंगाले। इस दौरान न तो किसी को अंदर जाने दिया गया और न ही किसी को बाहर जाने दिया गया। करीब 20 सदस्यीय टीम ने शुक्रवार देर रात तक आंकलन किया। इस बारे में अपर आयकर आयुक्त वंदना मोहित ने बताया कि असंध के कीटनाशक कंपनी मेडेस्टो के संचालक रामअवतार ने 2.45 करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। ऐसे में नियमानुसार उसको 2 करोड़ टैक्स देना पड़ेगा। इसी प्रकार, अग्गी पोल्ट्री फीड संचालक बिजेंद्र अग्गी ने 3.75 करोड़ रुपये सरेंडर किये हैं। इसको 3 करोड़ रुपये का टैक्स विभाग में जमा कराना होगा।
उद्योगपतियों में मची खलबली
आयकर विभाग द्वारा त्योहारों से ऐन वक्त पहले किए गए सर्वे अभियान से उद्योगपतियों के पसीने छूट गए हैं। पिछले दो दिनों से उद्योगों में सन्नाटा पसरा हुआ है और सभी एक दूसरे से सर्वे को लेकर अपडेट ले रहे हैं। आयकर विभाग के सूत्रों का दावा है कि करनाल के कई उद्योगपति आयकर की चोरी कर रहे हैं, जो रडार पर हैं। इनमें राइस मिलर्स और ज्वेलर्स समेत अन्य के नाम हैं। इस बारे में आयकर विभाग की अपर आयुक्त वंदना मोहिते का कहना है कि विभाग रूटिन में अपना कार्य कर रहा है। आयकर चोरी करने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा।