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फर्जीवाड़ा करने पर नौकरी से निकाले अकाउंटेंट ने राइस मिल के खाते से फिर निकाले 74.13 लाख

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तरावड़ी स्थित हंस राइस मिल के चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक खाते से 74.13 लाख 750 रुपये निकालने वाले अकाउंटेंट को पुलिस की सीआईए-1 टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पुलिस ने 63.53 लाख 80 रुपये बरामद कर लिए हैं। इस वारदात में आरोपी की पत्नी भी शामिल थी। मामले का खुलासा एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने सेक्टर-12 स्थित अपने कार्यालय में किया। एसपी सुरेंद्र ने बताया कि आरोपी की पत्नी रेणू शर्मा सहित अन्य दो महिलाएं शीतल और साक्षी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन दोनों महिलाओं को लालच देकर उनके खाते में रुपये ट्रांसफर किये गये थे। आरोपी को दोबारा तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी का कहना है कि पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही किसी को किराएदार रखें और नौकरी दें।
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ये था मामला
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि 18 सितंबर को हंस राइस मिल तरावड़ी के मैनेजर सुभाष कौशल ने शिकायत दी थी कि उनके राइस मिल के अकाउंटेंट आरोपी संजीव शर्मा ने बैंक खाते से 74.13 लाख 750 रुपये खाते से निकाले हैं। इस बात का उन्हें तब पता चला जब उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाई। इससे पता चला कि 41.80 लाख रुपये रेणु शर्मा के खाते में, 29.65 लाख रुपये शीतल सरदाना के खाते में और 26.87 लाख 50 रुपये साक्षी के खाते में ट्रांसफर किये हैं। आरोपी को जब नौकरी से निकाला था तो वह बैंक की दो चेक बुक भी चोरी कर ले गया था। जिन पर उसने फर्जी हस्ताक्षर करके रुपये निकाले हैं। शिकायत के आधार पर 18 सितंबर को तरावड़ी थाना में मामला दर्ज कर इसकी जांच सीआईए-1 इंचार्ज दीपेंद्र राणा को दी गई।
कैथल में धोखाधड़ी व मारपीट का मामला है दर्ज
एसपी ने बताया कि सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर दीपेंद्र राणा ने इस मामले की जांच को लेकर एसआई जयपाल सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इस जांच में दो महिला आरोपी साक्षी और शीतल सरदाना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी संजीव शर्मा और उसकी पत्नी रेनू को 2 नवंबर को बलड़ी बाईपास के समीप से गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी से 36.38 लाख 80 रुपये नकद और इन रुपयों से खरीदा गया सामान और एक लैपटॉप बरामद किया गया। इसके साथ ही आरोपियों के खातों से 27.15 लाख रुपये का आरटीजीएस वापस राइस मिल के खाते में ट्रांसफर किया गया। आरोपी को दोबारा कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ कैथल में राइस मिलर्स के साथ चावलों में धोखाधड़ी करने पर और मारपीट के दो मामले भी दर्ज हैं।
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फर्जी हस्ताक्षर के लिए करता था हर रोज अभ्यास
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि आरोपी संजीव शर्मा पिछले डेढ़ साल से राइस मिल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। वह 100 से ज्यादा चेक काटता था। खाता पीएनबी बैंक में था। इन चेकों पर प्रदीप गुप्ता के साइन होते थे। इस कारण वह फर्जी साइन करने का अभ्यास करता था। इससे पहले भी उसने फर्जी साइन से रुपये निकाले थे।
पहले निकाले थे 2.68 लाख
हंस राइस मिल के मैनेजर सुभाष कौशल ने बताया कि आरोपी संजीव शर्मा निवासी वार्ड नंबर-4 चीका जो फिलहाल करनाल में सीएचडी सिटी में रह रहा था। इस आरोपी ने 9 अगस्त को सबसे पहले दो लाख 68 हजार रुपये बिना बताये राइस मिले के खाते से निकाले थे। जब इस बारे में पता चला तो आरोपी ने माफी मांगकर रुपये वापस देने की बात कही थी। उसने रुपये नहीं दिये तो उसे 10 सितंबर को नौकरी से निकाल दिया था। इस दौरान वह बैंक की दो चेक बुक चोरी कर ले गया था।
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