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डॉक्टरों की कमी सहित एनक्वास की टीम को मिली खामियां, रेकिंग के लिये 70 अंक की जरूरत

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शहर के नागरिक अस्पताल में बुधवार को एनक्वास (नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड) की सात सदस्यों की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल का पूरा स्टॉफ अलर्ट रहा। सभी डॉक्टर स्टॉफ नर्स अपने एप्रेन पहने मिले। इस टीम की नोडल ऑफिसर डिप्टी सीएमओ अंबाला डॉ. संगीता गोयल थीं। उनके साथ डॉ. गौरव एमओ डेंटल नारायणगढ़, डॉ. राहुल एमओ अंबाला सिटी, डॉ. मोनिका क्वालिटी कनसलटेंट, कनूप्रिय स्टेट क्वालिटी कनसलटेंट, संजीव डाटा एंट्री, महबूब साथ थे। इन सभी सातों सदस्यों ने अलग-अलग डिपार्टमेंट में जाकर नागरिक अस्पताल की जांच की। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के साथ कई खामियां मिलीं। यह टीम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। उसकी के आधार पर नागरिक अस्पताल को अंक मिलेंगे। यदि यह अंक 70 प्रतिशत व इससे अधिक होंगे तो फिर केंद्र से एनक्वास की टीम नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करेगी और फिर अस्पताल को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बता दें इससे कुछ महीने पहले कायाकल्प टीम द्वारा भी अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। टीम ने उस दौरान अस्पताल में काफी खामियां पाई गई थीं। जिन्हें दूर कर दिया गया था।
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बंद मिला ब्लड बैंक, डॉक्टरों की कमी, नहीं आया नशामुक्ति केंद्र का लाइसेंस
नागरिक अस्पताल में सुबह करीब दस बजे सात सदस्यों की टीम पहुंच गई थी। इसके बाद नोडल ऑफिसर डॉ. संगीता गोयल ने अलग-अलग अधिकारियों की अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी लगाई और उन्होंने वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। टीम के सदस्यों ने स्टाफ के सदस्यों से लेकर डॉक्टरों से भी बात की। इसके साथ ही ओपीडी, इमरजेंसी, डिस्पेंसरी, वार्ड, लैब, एक्सरे रूम, अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक, नशा मुक्ती केंद्र का भी दौरा किया। जहां ब्लड बैंक बंद मिला, पूछने पर जवाब मिला की स्टाफ की कमी है, वहीं नशामुक्ति केंद्र का अभी तक लाइसेंस जारी नहीं हुआ है।
ऐसे मिलता है सर्टिफिकेट
मरीजों को जिन सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाता है, वह क्वालिटी के आधार पर बेहतर मिलने पर नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके लिए पहले जिला टीम, फिर स्टेट की टीम और फिर नेशनल टीम की ओर से निरीक्षण कर केंद्र को रिपोर्ट दी जाती है। स्टेट में सर्वोच्च अंक मिलने पर केंद्र की टीम निरीक्षण करती है। उसमें भी सर्वोच्च अंक मिलने पर राष्ट्रीय स्तर का क्वालिटी प्रमाण पत्र दिया जाता है।
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विभाग की ओर से उन्हें एनक्वास टीम का नोडल ऑफिसर बनाया गया है उनके साथ छह और सदस्य इस टीम में शामिल थे। कुछ खामिया मिली हैं। उन्हें दूर किया इस बारे में पीएमओ से भी बात हुई थी। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उसके बाद ही रैंकिंग मिलेगी।
-डॉ. संगीता गोयल, नोडल ऑफिसर, एनक्वास टीम।
एनक्वास की टीम अस्पताल का निरीक्षण करने आई हुई है। अस्पताल में मरीजों को हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। टीम उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजेगी तभी उन्हें अंकों का पता चलेगा कि अस्पताल किस रैंक पर है और कितने मानकों पर खरा उतरा है।
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-डॉ. अश्वनी अहेजा, पीएमओ, सरकारी अस्पताल करनाल।
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