करनाल। क्राइम ब्रांच यूनिट वन में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात रोहित की गाड़ी को पहले तो हथियारबंद आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से टक्कर मारी। उसके कुछ दिन बाद इसी मसले को निपटाने के लिए उसके साथ बसंत विहार स्थित आफिस में बुलाकर आरोपियों ने हाथापाई की। वहां भी पंद्रह से बीस हथियारबंद आरोपियों ने उसे घेर लिया और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान जब वहां हंगामा हुआ तो एकत्रित लोगों की मदद से हेड कांस्टेबल वहां से बचकर निकला। सदर थाना पुलिस ने सिपाही रोहित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में सिपाही रोहित ने बताया कि क्राइम यूनिट करनाल में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात है। वह 22 जून को अपनी ड्यूटी पर था, तभी उसकी तबीयत खराब होने लगी। वह दवाई लेने के लिए गाड़ी लेकर बसंत विहार जा रहा था। तभी सामने एक क्रेटा गाड़ी (जिसके सभी शीशे काले थे) तेजी के साथ आई और उसे मारने की नीयत से टक्कर मार दी। गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और पलटने से बाल-बाल बची। टक्कर मारने वाली गाड़ी कुछ दूरी पर जाकर रुकी, जिसमें से पांच लोग उतरे। सभी के हाथों में हथियार थे। रोहित के अनुसार इनमें से वे तीन लोगों को पहचानता है। इनमें सत्यवान, उसका भाई और उसकी बहन का लड़का शामिल था।
हेड कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने हथियार दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। उसके बाद वे अपनी क्षतिग्रस्त गाड़ी लेकर वापस आ गया और घटना की जानकारी अपने प्रभारी को दी। सिपाही के अनुसार उसके बाद भी सत्यवान ने उसे फोन कर धमकी दी। रोहित ने बताया कि सत्यवान अपने चाचा के लड़के को घरौंडा थाना पुलिस द्वारा नशा तस्करी के आरोप में 240 किलो गांजा पत्ती के साथ पकड़े जाने के लिए की गई मुखबिरी का दोषी उसे मानता है और इसी बात की रंजिश रखता है।
रंजिश खत्म करने के चक्कर में पीटा सिपाही
हेड कांस्टेबल रोहित ने बताया कि इस रंजिश को खत्म करने की नीयत से उसने आरोपी सत्यवान को फोन कर पूछा कि वे उसके पीछे क्यों पड़े हैं, कोई बात है तो मिल बैठकर इसका निपटारा किया जा सकता है। इस पर सत्यवान ने उसे बसंत विहार स्थित अपने ऑफिस बुलाया। रोहित के अनुसार जब वे वहां पहुंचा, तो वहां सत्यवान ने पहले से ही 15 से 20 लड़के बुला रखे थे। सभी के पास हथियार व गंडासियां मौजूद थीं। उसके पहुंचते ही उसके साथ वहां हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई, जिन्होंने आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया। वहां भी आरोपियों ने उसे झूठे केस में फंसाने, नौकरी से हटवाने व जान से मारने की धमकी दी। रोहित ने बताया कि वहां से वे सीधे क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचा और आला अफसरों को सारी घटना की जानकारी दी। रोहित के अनुसार आरोपी के खिलाफ अंबाला में भी पुलिस से मारपीट करने का केस दर्ज है। अब इस मामले में सदर थाना पुलिस ने हेड कांस्टेबल रोहित की शिकायत पर सत्यवान व दीपक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 336, 34 व 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। सब इंस्पेक्टर अजायब सिंह के अनुसार केस दर्ज कर मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।