करनाल जिले के गांव रसूलपुर में मक्खियों का मामला अब सीपीएस बक्शीश सिंह के पास पहुंच गया है। सेंट्रल हरियाणा पोल्ट्री फारमर्स एसोसिएशन ने बैठक कर सीपीएस को अपनी समस्याएं बताई, साथ ही पोल्ट्री फार्मों से मक्खियों के पैदा होने से इंकार किया। पोल्ट्री फार्म संचालकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। उधर, सीपीएस ने आश्वासन दिया है कि उन्हें नाजायज तौर पर परेशान नहीं करने दिया जाएगा।
बैठक का आयोजन चिड़ाव मोड़ स्थित नरवाल फार्म हाउस में किया गया। सोमवार को एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने विधायक एवं सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क के समक्ष पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ी समस्याएं पेश की। इस मौके पर विकास खंड निसिंग के सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण नरवाल, विकास खंड घरोंडा के सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन स्टोंडी विशेष तौर पर मौजूद थे। पोल्ट्री फारमर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जोगिंद्र लाठर ने कहा कि कई स्थानों पर मक्खियों के फैलने के मामले में पोल्ट्री फारमर्स को दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पोल्ट्री फार्मों को नई तकनीक के साथ बनाया गया है, जिसकी वजह से गंदगी फैलने का सवाल ही पैदा नहीं होता, लेकिन कई मामलों में पोल्ट्री फारमर्स को परेशान किया जा रहा है।
रसूलपुर मामले के लिए हम नहीं जिम्मेदार
सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि इस मामले में पोल्ट्री व्यवसाय करने वाले किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है। सीपीएस विर्क ने कहा कि पोल्ट्री फारमर्स के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री व्यवसाय के लिए प्रशासन की ओर से जो भी नियम तय किए गए हैं, उनका सही तरीके से पालन किया जाए। ताकि उनकी वजह से किसी को भी परेशानी न पहुंचे। इस अवसर पर पोल्ट्री फारमर्स एसोसिएशन के संरक्षक जगदीश सचदेवा, जिलाध्यक्ष जोगिंद्र लाठर, उपाध्यक्ष सुरेंद्र बुटानी, सुभाष नरवाल, पृर्थी सिंह, सज्जन गुप्ता, नंद किशोर, हरिओम, राजगोयल आदि मौजूद थे। बता दें कि प्रशासन लगातार गांव रसूलपुर स्थित पोल्ट्री संचालकों को कड़े निर्देश दे रहा है, ताकि वे नियमों का पालन करें। इसको लेकर प्रशासन द्वारा कई बार निरीक्षण भी किया गया व वहां पर भारी मात्रा में गंदगी पाई गई थी।
स्प्रे दिखाने लगा असर
वहीं, गांव रसूलपुर में दवा स्प्रे और सफाई का असर दिखने लगा है। कई दिन से जारी सफाई अभियान का असर यह है कि अब गांव में मक्खियों की संख्या कम होने लगी है। खुद यह बात गांव के सरपंच रामेश्वर दास कबूलते हैं। बता दें कि रविवार को एसडीएम समेत गांव के लोगों ने जोरदार सफाई अभियान चलाया था और गांव में दवा का स्प्रे कराया गया था।