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एनडीआरआई में देश के पहले डेरी संग्रहालय का उद्घाटन

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59: एनडीआरआई में गती कार्यशाला का उद्वघाटन करते डॉ त्रिलोचन महापात्रा भारतीय कृषि अनुसंद्यान परि?
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राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल में देश का पहला डेरी संग्रहालय बनाया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के केंद्रीय सचिव डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने शनिवार को संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस संग्रहालय में पशु चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संबंधी प्राचीन और नवीनतम जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। प्राचीन समय में भारत में ऋषि-मुनियों ने इस क्षेत्र में जो काम किया उससे लेकर अब तक की शोध संबंधी सामग्री यहां सहेजी जाएगी। सभी पशु नस्लों के संरक्षण व संवर्धन संबंधी कार्यों का पता चलेगा।
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उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में मॉडल, चार्ट व डिजिटल डिस्प्ले भी होगा। इससे सूचनाएं और उपलब्धियाें का पता चल सकेगा। स्कूली बच्चे डेरी संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। किसान भी यहां से कुछ सीखकर जाएंगे। डॉ. महापात्रा ने संस्थान में कैटल यार्ड के समीप स्थापित की गई ‘रोग निदान प्रयोगशाला’ का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रयोगशाला में पशुओं की सेहत जांची जाएगी। हीमोग्राम का दस मिनट में पता कर सकेंगे। माइक्रोस्कोप से भी जांच कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने संस्थान परिसर में बनाए आधुनिक ‘परीक्षा हाल’ का उद्घाटन किया। इस हाल में 350 बच्चे एक साथ बैठकर परीक्षा दे सकते हैं। डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह से परीक्षा की व्यवस्था होगी।
संस्थान के ऑडिटोरियम में जेंडर एडवांसमेंट फॉर ट्रांसफार्मिंग इंस्टीट्यूशन (गति) विषय पर कार्यशाला शुरू की। इस कार्यक्रम के तहत संस्थान में कार्यरत महिला कर्मचारियों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। डॉ. महापात्रा और संस्थान के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने पद्मश्री वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मोतीलाल मदन (सेवानिवृत्त) को स्मृति चिह्न और शॉल देकर सम्मानित किया। डॉ. मदान ने वैज्ञानिकों व शोध विद्यार्थियों के साथ अपने अनुसंधान जगत के अनुभव सांझा करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। इस मौके पर आईसीएआर के उप-महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. बीएन त्रिपाठी, डॉ. धीर सिंह संयुक्त निदेशक अनुसंधान, डॉ. बीपी मिश्रा, डॉ. एके डांग व अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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