शहर में आवारा पशुओं की ओर से फैलाई जा रही गदंगी से परेशान वार्ड के पार्षदों और स्थानीय लोगों ने नगरपालिका के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते शहर में घूम रहे आवारा सूअरों पर लगाम लगाए जाने की मांग की।
नगरपालिका के गेट पर ताला लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। नगरपालिका अधिकारियों और पुलिस के भरोसे के बाद ताला खोला गया। कालोनी निवासियों ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में मांग को पूरा नहीं किया गया तो वे नगरपालिका पर पूरी तरह से ताला जड़ देंगे।
सोमवार की सुबह करीब 11 बजे वार्ड नंबर 15 के पार्षद राजकुमार राणा, वार्ड नंबर के पार्षद बलवान सुलेख और पार्षद श्यामलाल सहित दर्जनों कालोनी निवासी शहर की नगरपालिका के गेट पर एकत्रित हुए।
शहर में आवारा घूम रहे सूअरों के कारण आ रही परेशानियों के चलते नगरपालिका के मुख्यद्वार पर ताला जड़ते हुए नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगरपालिका पर ताला जड़ने की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और कालोनी निवासियों से ताला खोलने के लिए कहा, लेकिन कालोनी निवासियों ने मांगों के लिए अपना प्रदर्शन जारी रखा।
नगरपालिका अधिकारियों और पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद ही ताला खोला गया। पार्षद राजकुमार राणा, बलवान सुलेख, कालोनीवासी विक्रम राणा, देवेंद्र राणा, रविंद्र, समय सिंह, धर्म सिंह, प्रताप सिंह राणा, ईश्वर, गजे सिंह, सुशील, संजय राणा आदि ने बताया कि शहर में सूअराें ने गंदगी का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे बीमारियों को तो न्योता मिल ही रहा है, साथ में शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है।
रेलवे रोड से तकिया मार्किट की ओर जाने वाली गली में आवारा सूअर घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि सूअरों को नियंत्रित करने के लिए पिछले एक साल से शिकायत की जा रही है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की।
आरोप है कि नगरपालिका के ही कुछ सफाई कर्मियों ने सूअरों को पाला हुआ है। कालोनी निवासियों का कहना है कि उच्चाधिकारियों की ओर से भी आवारा पशुओं को शहर से बाहर करने का आदेश हैं, लेकिन नगरपालिका कुछ कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने मांग की कि शीघ्र से शीघ्र इन आवारा सूअरों पर नियंत्रण लगाया जाए। उन्होंने चेताया कि अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे प्रदर्शन को उग्र करते हुए आलाधिकारियों से मिलेंगे।
नगरपालिका के सफाई अधिकारी राजीव गोयल ने बताया कि सूअरों के संबंध में रेजूलेशन 22 नवंबर, 2013 को जिला उपायुक्त के पास भेजा था। जिसको जिला उपायुक्त ने स्वीकृति दे दी है।
16 जनवरी को नगरपालिका सचिव के आने पर सूअरों को शहर से हटाए जाने की कार्रवाई कर दी जाएगी। हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1976 के तहत कार्रवाई की जाएगी।