स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे के एक नर्सिंग होम पर छापा मारकर गर्भपात करने (एमटीपी) में प्रयोग होने वाले उपकरण बरामद किए। विभागीय टीम ने उपकरणों को सील कर अस्पताल का पूरा रिकार्ड खंगाला।
करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई से घबराकर नर्सिंग होम में इलाज करवा रहे मरीज और डॉक्टर फरार हो गए। इस कार्रवाई से अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों में दिनभर हड़कंप मचा रहा। इसी बीच किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए थाना इंद्री पुलिस भी मौजूद रही।
गौरतलब है कि इंद्री में नर्सिंग होम पर करीब एक बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और छापामार कार्रवाई शुरू की। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. राजिंद्र, एसएमओ इंद्री डॉ. दीपक, ड्रग कंट्रोल आफिसर परमिंद्र मलिक, डॉ. अनू शामिल थे।
सीएमओ डॉ. वंदना भाटिया भी मौजूद रहीं। डॉ. राजिंद्र ने बताया कि कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने गर्भपात करने में प्रयोग होने वाले उपकरण बरामद किए। टीम ने सभी संदिग्ध उपकरणों को सील कर दिया।
करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान नर्सिंग होम की संचालक फरार हो गई और इलाज कराने आए लोग भी इस कार्रवाई को देखकर घबरा गए और बिना इलाज कराए चले गए।
शिकायत पर हुई कार्रवाई: सीएमओ
सीएमओ डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि इंद्री क्षेत्र में लिंगानुपात काफी कम है। इसके विभिन्न पहलुआें पर जांच की जा रही थी। लंबे समय से इंद्री के इस नर्सिंग होम में गर्भपात करने जैसी शिकायतें मिल रही थीं।
नर्सिंग होम पर छापेमारी के लिए सोमवार को डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान गर्भपात में प्रयोग होने वाले उपकरण मिले हैं। इन्हें सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान नर्सिंग होम की संचालिका फरार हो गई।
चौंकाने वाला पहलू सामने आया कि महिला डॉक्टर बीएएमएस है, जिसे गर्भपात करना अलाउड नहीं होता। यह नर्सिंग होम काफी लंबे समय से चल रहा है। कार्रवाई के दौरान नर्सिंग होम की अलमारी का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। स्थानीय पुलिस के सामने रिकार्ड देखा जाएगा।