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सीएमआर:राइस मिल पर छापामारा, 260 क्विंटल धान जब्त

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धान खरीद बंद होने के बाद राइस मिलर्स ने भी सीएमआर की आपूर्ति तेज कर दी है, लेकिन इसके साथ-साथ यूपी बिहार आदि राज्यों से सस्ता धान व चावल खरीद कर सीएमआर की पूर्ति के प्रयास तेज हो गए हैं। इन्हीं पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा हैफेड के अधिकारियों की टीम ने कैथल रोड स्थित एक राइस मिल पर रेड की है। यहां यूपी के हरदोई जिले से मंगाया गया 260 क्विंटल धान मिला है। संबंधित अभिलेखों को अधिकारियों ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से राइस मिल संचालकों में खलबली मच गई है।
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करनाल जिले के करीब 339 राइस मिलों ने सीएमआर के लिए सरकारी धान लिया है। हरियाणा सरकार ने इस बार काफी हद तक पोर्टल के जरिये पंजीकरण की व्यवस्था को लागू करके हरियाणा के बाहरी राज्यों से खरीदे जाने वाले सस्ते धान की खरीद पर रोक लगाई है, लेकिन अब राइस मिलर्स ने निजी चावल व्यवसाय को जरिया बनाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश आदि कई राज्यों से सस्ता धान व सस्ता चावल खरीदना शुरू कर दिया है। इसी सस्ते चावल से सीएमआर की सरकार को आपूर्ति करके राइस मिलर्स करोड़ों का मुनाफा हर साल कमाते रहे हैं, इस बार भी ऐसा ही किया जा रहा है। इससे पहले भी बाहरी राज्यों से आए कई ट्रक पकड़े जा चुके हैं। शुक्रवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी व हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश वैद ने अपनी टीम के साथ कैथल रोड स्थित जय दुर्गा फूड्स राइस मिल पर छापा मारा। यह राइस मिल हैफेड के साथ सीएमआर का कार्य करता है। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि मौके पर 260 क्विंटल धान मिला है, जिसे उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से मंगाकर सस्ते में खरीदा गया है। इसके चावल की सीएमआर में आपूर्ति किए जाने की संभावना है। मौके पर राइस मिल संचालक ने वहीं पुरानी बात कही कि उसने यह धान अपने निजी चावल व्यवसाय के लिए खरीदा है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जब भी किसी राइस मिल में हरियाणा से बाहर के राज्यों का चावल या धान पकड़ा जाता है, तब राइस मिलर्स यही कहते हैं कि उन्होंने अपने निजी व्यवसाय के लिए मंगाया है। लेकिन अब सभी राइस मिलर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह सीएमआर व निजी चावल व्यवसाय के लिए अलग-अलग रिकार्ड बनाएंगे। प्राइवेट स्टॉक अलग रखेंगे। अन्यथा संबंधित राइस मिल को ब्लैक लिस्टेड करते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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-निशांत राठी, डीएफएससी करनाल।
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