बैठक को संबोधित करते डीसी सुशील सारवान।
करनाल। कृषि विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह ने बुधवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उपायुक्तों के साथ बैठक करके प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की। इसमें उन्होंने कहा कि जमीन के सत्यापन (वेरिफिकेशन) का शतप्रतिशत कार्य एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रत्येक गांव में शिविर लगाकर किसानों का डाटा एकत्र किया जाए। जमीन के सत्यापन के बाद ऑफलाइन डाटा को शीघ्र ही ऑनलाइन करने के निर्देश दिए।
वीसी के हवाले से उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि कृषि विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीन सत्यापन के कार्य में तेजी लाएं ताकि किसानों को जल्द से जल्द इस योजना का लाभ मिल सके। योजना के तहत भारत सरकार की ओर से छह हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसलिए पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की जमीन वेरिफिकेशन के कार्य को जल्दी पूरा किया जाए, इसमें ढिलाई न बरतें।
कृषि विभाग के उप निदेशक डा. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिला में 93476 किसानों ने पंजीकरण करवाया है, जिनमें से 90 प्रतिशत किसानों की जमीन के वेरिफिकेशन का डाटा ऑफलाइन इकट्ठा हो चुका है, शेष कार्य को भी जल्द पूरा करवा दिया जाएगा। इसके उपरांत इस डाटा को एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन करवा दिया जाएगा।
इस मौके पर करनाल के एसडीएम अनुभव मेहता, घरौंडा के एसडीएम अभय सिंह जांगड़ा, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया, डीआईओ महीपाल सीकरी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार आदि शामिल रहे।