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एमएसपी पर कमेटी, मुकदमे रद्द करने और मुआवजे की मांग

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन खत्म हुए कई माह बीत गए हैं लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी मांगें पूरी नहीं कीं। लघु सचिवालय में पहुंचकर किसानों ने राष्ट्रपति के नाम सीटीएम मयंक भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर कमेटी, मुकदमे रद्द करने और मुआवजे की मांग रखी।
सोमवार को हुए प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटकों ने भाग लिया। जिसमें भारतीय किसान यूनियन, अन्नदाता किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा सहित कई किसान संगठनों के नेता शामिल रहे। किसान सुबह जाट धर्मशाला में एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ।
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नेताओं ने आरोप लगाते कहा कि सरकार अपने वादे से मुकरती नजर आ रही है, क्योंकि दिल्ली में आंदोलन स्थगित हुए कई माह का समय गुजर चुका है। अब तक सरकार टस से मस नहीं हुई। केंद्र सरकार ने लिखित में एमएसपी पर खरीद गांरटी का कानून बनाने के लिए एक कमेटी का गठन करने का वादा किया था जो आज तक गठित नहीं की गई। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं है। किसान आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर प्रेमचंद, गुरमुख सिंह, जगदीप औलख, शाम सिंह मान, समे सिंह, सुरत सिंह साही, नेकी राम, दिलावर सिंह, धनेत्तर सिंह राणा, नाजिम, सुरेंद्र सागवान, विनोद राणा, नरवेर सिंह रत्तक और महताब सिंह विर्क मौजूद रहे।
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