संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण नगरी के चिड़ाव गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी क्रिकेटर सुमित नरवाल इन दिनों युवा क्रिकेटरों की प्रतिभा तराश रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं के लिए कई ऐसे खिलाड़ी तैयार किए हैं जो आज देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्हें बीसीसीआई की ओर से बेहतर ऑलराउडर का अवार्ड भी मिल चुका है।
क्रिकेटर सुमित नरवाल का कहना है कि उन्होंने अपने पिता यशपाल नरवाल की प्रेरणा से खेलना शुरू किया था। उनके पिता खेती के साथ-साथ क्रिकेट का शौक रखते थे, उन्हें देखकर प्रेरणा मिली। उन्होंने न सिर्फ अच्छी अकादमी में कोचिंग दिलवाई बल्कि क्रिकेटर की हर एक स्पर्धा के लिए उन्हें जाने दिया। देखते ही देखते जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू हुआ सफर रणजी, दिलीप ट्रॉफी, आईपीएल और भारतीय क्रिकेट टीम में भी खेलने का अवसर मिला। आईपीएल में दिल्ली, कलकत्ता नाइट राइडर व राजस्थान रॉयल के लिए भी खेला है।
अब नरवाल अकादमी में कोचिंग के साथ-साथ आईपीएल में कमेंट्री भी करते हैं। उनके सिखाएं खिलाड़ियों में नवदीप सैनी, राहुल चोपड़ा, मोहित कल्याण व पवन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुके है।
वहीं, सुमित नरवाल की उपलब्धि को देखते हुए नरवाल अकादमी की लड़की सुमन संधू का चयन हरियाणा महिला अंडर 23 राज्य टीम कैंप में हुआ। इससे पहले अकादमी से दो और लड़कियां अंडर-19 और अंडर-15 राज्य शिविर में थी। इससे पूर्व उनकी ही अकादमी के तीन खिलाड़ी नवदीप सैनी, संजय पहल व लखविंद्र मैहला आईपीएल में राजस्थान रॉयल टीम में खेल चुके हैं।