फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो साल बाद सीएम को आई कार्यकर्ताओं को याद, भोज पर बुलाया

Thu, 08 Sep 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में भागदौड़ करने वाले कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर चंडीगढ़ में अपने निवास स्थान पर भोज देंगे। करीब 350 कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के साथ भोज करने वाली लिस्ट में शामिल किया गया है। 16 सितंबर को सीएम आवास पर यह भोज होगा, जिसमें सीएम कार्यकर्ताओं के साथ शहर को लेकर भी मंथन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं और संबंधित कार्यकर्ताओं को सूचना भी दे दी गई है। जिन कार्यकर्ताओं की जीतोड़ मेहनत से मनोहर लाल खट्टर भारी मतों से विजयी हुए थे आखिरकार करीब दो साल उन्हें कार्यकर्ताओं की याद आ ही गई। उधर, सूत्रों का कहना है कि कार्यकर्ताओं में बढ़ते असंतोष को कम करने के लिए डिनर डिप्लोमेसी बनाई गई है। यह कार्यक्रम एक तरह से निराश बैठे कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए किया गया है।
विज्ञापन


बता दें कि पिछले दो साल पहले मनोहर लाल करनाल से विधायक चुने गए और सीएम बने। उनके चुनाव में करनाल के काफी संख्या में कार्यकर्ताओं व नेताओं ने काम किया था। सीएम बनने के बाद अपनी व्यवस्थाओं के चलते सीएम कार्यकर्ताओं को वो मान सम्मान नहीं दे पाए, जिसकी उन्हें उम्मीद थी, हालांकि बीच बीच में वे कार्यकर्ताओं के घर पर चाय और लंच लेते रहे हैं। दूसरी  ओर मनोहर लाल ने सीएम बनते ही घोषणा की थी कि वे न तो किसी के घर पर चाय पीने जाएंगे और न ही लंच लेने। लेकिन राजनीतिक मजबूरियो ंके चलते सीएम ने अपनी यह जिद छोड़नी पड़ी।

पिछले दो साल करनाल विधानसभा के कार्यकर्ताओं की हो रहे अनदेखी को खुद सीएम ने महसूस किया है। करनाल में अधिकारी हावी हैं और नेताओं को तवज्जो नहीं मिल पा रही है। जब भी सीएम का दौरा होता है तो करनाल के गिने चुने सदस्य ही सीएम से मिल पाते हैं। इसके साथ ही सीएम की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा कार्यकर्ताओं व नेताओं के साथ की जाने वाली धक्कामुक्की के कारण सीएम के कार्यक्रम में कार्यकर्ता कम आने लगे हैं। इन्हीं सारी चीजों को देखते हुए सीएम ने काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर डिनर के लिए बुलाया है। कार्यक्रम की पुष्टि करते हुए सीएम आवास के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी को सूचनाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं समेत, संघ के सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा, शहर के मौजिज व कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, इस कार्यक्रम से अन्य कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है, जिनको डिनर के लिए नहीं बुलाया गया है।
विज्ञापन


डिनर से दूर होंगी दूरियां
सरकार और कार्यकर्ताओं की बीच की दूरी को पाटने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डिनर डिप्लोमेसी की रणनीति बनाई है। विधानसभा चुनाव के दौरान मनोहर लाल के साथ डोर-टू-डोर जाकर वोट मांगे थे और रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने में भी सहायता की थी, लेकिन गद्दी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं को याद नहीं कर पाए। इसके चलते कार्यकर्ताओं में असंतोष पनपने लगा था। इसी दूरी को कम करने के लिए यह कार्यक्रम रखा गया है।

चुनाव के दौरान हुए 300 कार्यक्रम
विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 300 कार्यक्रम हुए थे। कार्यकर्ताओं ने वोट और सपोर्ट दोनों दिया। इसके चलते मनोहर लाल को भारी मतों से जीत हासिल हुई और मुख्यमंत्री बने। विधानसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह का कार्य कार्यकर्ताओं को सौंपा गया था। अब उसी लिस्ट को देखते हुए सीएम अपने पुराने कार्यकर्ताओं को याद किया है, ताकि उनसे सीधे रूबरू हुआ जा सके।

इससे पहले, मुख्यमंत्री चाय का प्रोग्राम भी रख रहे थे
करीब दो महीने पहले सीएम कार्यकर्ताओं के घर चाय के प्रोग्राम भी रख चुके हैं। दूरी को कम करने के लिए चाय की डिप्लोमेसी के सफल होने के बाद अब डिनर डिप्लोमी को अपनाया है। इसी माह की 16 सितंबर को मुख्यमंत्री के साथ कार्यकर्ताओं को भोज करने का मौका मिला है।

विरोध करने वाले भी हैं शामिल
रात्रि भोज करने वाले कार्यकर्ताओं में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने मनोहर लाल का विस चुनाव में जमकर विरोध किया। इतना ही नहीं दीवारों पर बाहरी भगाओ के स्लोगन लिखे गए थे। हालांकि, बाद में वे मनोहर लाल के साथ आ गए थे। इसका असर यह रहा कि मनोहर लाल को भारी जनमत मिला और एक तरफा जीत गए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें