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Karnal News: सीसीटीवी और कॉल डिटेल से लगा सुराग, संस्कार के बाद किया गिरफ्तार

Wed, 14 Jan 2026 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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असंध दंप​त्ति की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे एसपी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल/असंध। असंध के रामनगर में रविवार रात को दोहरे हत्याकांड को सुलझाना असंध पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं था। वारदात के खुलासे में पुलिस को मुखबिरी, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल से मदद मिली। 24 घंटे में वारदात का खुलासा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी रविंद्र भी दादा-दादी की हत्या को अंजाम दे सकता है। कॉल डिटेल से भी सुराग मिले तो रविंद्र को हिरासत में ले लिया गया। पहले तो उसने गुमराह किया लेकिन बाद में सब कबूल लिया। वारदात में साथ देने वाले दोस्तों के नाम भी बता दिए।
पुलिस ने सोमवार रात को करीब साढ़े सात बजे दंपती के शवों का संस्कार करवाया। संस्कार के बाद रविंद्र को हिरासत में ले लिया गया। सीआईए असंध ने उससे पूछताछ की। पूछा कि क्या उसने इस वारदात को अंजाम दिया है, आरोपी ने हर बार न में ही जवाब दिया। पुलिस ने आरोपी की कॉल डिटेल निकलवाई तो अन्य दोनों आरोपियों से कनेक्शन का सुराग लगा। सख्ती करने पर आरोपी ने कबूल कर लिया कि उसने ही अपने दो दोस्तों जयसिंहपुर निवासी प्रदीप और गुलशन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस ने देर रात को अन्य दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार किया।
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दीवार फांदकर दादा के घर में घुसा था आरोपी, फिर बाइक पर आए दोनों बदमाश

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वह दादा के घर के बाहर की दीवार को फांदकर अंदर गया था। रात को करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दादा के घर के अंदर गया। आराम से मुख्य गेट का कुंडा खोला था और बाइक से आए दोनों दोस्तों को घर में प्रवेश कराया। दोनों आरोपियों की बाइक भी घर के बाहर ही खड़ी रही। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दे दिया। दोनों दोस्तों ने बुजुर्गों के हाथ-पैर पकड़े और पोते रविंद्र ने गला दबाया।





वारदात के बाद सो गया और सुबह मंदिर भी गया
वारदात के बाद आरोपी रविंद्र डेढ़ बजे रात को दीवार फांदकर दादा के घर से निकला और अपने घर जाकर सो गया। किसी को शक न हो, इसके लिए सुबह उठकर नहाकर हर रोज की तरह मंदिर गया और माथे पर तिलक लगाया। वारदात से पूरी तरह से अनजान होने का नाटक किया। सभी के बीच में घूमता रहा। ऐसा भी दिखाया जैसे उसे भी इस हत्या से दुख है।
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दोनों आरोपियों ने पकड़े हाथ, पोते ने दबाया गला

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रविंद्र ने वारदात के लिए पहले से ही टेप खरीदी हुई थी। आरोपी प्रदीप और गुलशन ने दादी लीला देवी के हाथ पकड़ लिए। रविंद्र ने मुंह पर टेप लगा दी। इसके बाद रविंद्र ने ही गला दबाया। दादी की मौत हो गई। इसी दौरान दादा हरी सिंह ने आवाज लगाई कि बेटा रविंद्र बचा लो। रविंद्र के दोस्तों ने दादा का मुंह बंद कर दिया। रविंद्र ने दादा के मुंह पर टेप लगाई और फिर गला दबा दिया। पुलिस के अनुसार इसके बाद तीनों आरोपियों ने शवों के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और मुंह पर कपड़ा बांध दिया। ताकि सुबह सभी को ये लगे ही उनको बांधकर लूट की गई है।
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