संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सर्दी कम होने का नाम नहीं ले रही, हर दिन के साथ ठंड बढ़ती जा रही है। शनिवार को भी कड़ाके की ठंड रही। जिले में दो दिन से आसमान पर बादल छाए रहे, जो बिन बरसे ही रह गए। वहीं बादल छाने से तापमान में गिरावट आई। हालांकि शनिवार दोपहर करीब तीन बजे हल्की धूप निकली, जिससे भारी राहत मिली। लेकिन यह राहत कुछ देर की रही। इसके बाद फिर पहले से हाल हो गए। ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों के दिनचर्या के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ करीब आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चली। हवा चलने के कारण धुंध नहीं थी, जिससे लोगों को कुछ राहत रही। लेकिन बर्फीली हवा ने लोगों को खूब सताया। जिसके चलते शाम को लोग जल्दी घरों में दुबक गए। ऐसे में लोगों को सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ा। बाजारों में भी लोगों की उपस्थिति काफी कम रही। शहर के मुख्य बाजारों में भी ग्राहक न के बराबर रहे। ऐसे में दुकानदार व कर्मचारी आग जलाकर सर्दी से बचाव करते नजर आए। ग्राहक न होने के कारण सुबह दुकानें देरी से खुल रही हैं और शाम को जल्दी बंद हो रही हैं। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सप्ताह में भी कड़ाके की ठंड रहेगी। जबकि फरवरी के पहले सप्ताह में तापमान बढ़ेगा और ठंड से कुछ राहत मिलेगी।
वहीं बादल छाने से किसानों के चेहरे खिल गए, लेकिन बारिश न होने से उन्हें निराशा हुई। किसान कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस मौसम अभी तक एक बार भी बारिश नहीं हुई है। बारिश न होने का असर फसलों के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। सूखी ठंड के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों चिकित्सकाें पर बुखार, सर्दी, जुकाम, छाती जाम संबंधी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सक लोगों को बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। किसानों को बारिश का बेसब्री से बारिश का इंतजार है। बारिश गेहूं, गन्ना, बरसीन इत्यादि सहित अन्य फसलों के लिए लाभकारी है। बारिश की कमी के चलते किसानों को फसल में बीमारी आने का भय सता रहा है। बता दें कि जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं बिजाई की गई है।