चकबंदी में गड़बड़ी का दंश झेल रहे चार गांवों कालरम, अराईपु़रा, भरतपुर व लालुपुरा के लोगों का गुस्सा भू माफिया को देखकर वीरवार को फूट पड़ा।
लोगों ने देखा कि सवेरे-सवेरे भूमाफिया छह सात ट्रैक्टरों सहित रिवाल्वर व बंदूकें लेकर किसानों की जमीन की बुआई कर रहा है तो लोग भड़क गए। लोगों ने आरोप लगाया कि तेजपाल, चंद्रपाल व तेगसिंह राणा शेष बचे हुए खेतों में बेवजह बुआई करते दिखे।
इनको देख कर डेरों में बसे लोग, औरतें और बच्चे बाहर निकल आए और हाथों में डंडे लेकर भू माफियायाें के पीछे दौड़ पड़े। लोगों के गुस्से को देख भू माफिया के लोग अपने वाहनों सहित मौके से भाग उठे।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस
मामले की सूचना फोन पर मिलते ही आईएसी के सदस्य जेपी शेखपुरा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बात की। आईएसी के सदस्य जेपी शेखपुरा ने कहा कि घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनकर खड़ी हुई थी।
वहां की औरतें पुलिस प्रशासन के विरुद्ध हाथों में लाठियां लेकर नारेबाजी कर रही थी और पुलिस प्रशासन की तरफ से मंगलौरा चौकी इंचार्ज रविकांत ने जाकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ऐसा आगे से नहीं होगा। इसके बाद गांववासी वहां से गए। पुलिस की ओर से रात को ही जिप्सी तैनात की गई थी।
दो दिन पहले भी यहां के किसानों ने अर्धनग्न होकर महिलाओं व बच्चों के साथ प्रदर्शन किया था और एडीसी और तहसीलदार से आश्वासन लेकर ही माने थे कि वहां अब कोई भी कब्जाधारी नहीं जाएगा और इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद वहां से उठकर लोग अपने घरों की आए थे। लोगों ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी भू माफियायों ने प्रशासनिक अधिकारियों की जुबान की पालना नहीं की।
कब्जा लेने वाले लोग कर रहे थे बुआई
चौकी इंचार्ज रविकांत ने बताया कि सरकार ने जिन लोगों को कब्जा दिलाया था, वे लोग जमीन को बुआई करने के लिए वहां पहुुंचे थे, परंतु वहां डेरों में बसे लोगों ने इसका विरोध किया। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया और दोनों पार्टियों को कानूनी कागजातों के साथ चौकी में बुलाया है।
पुलिस से शिकायत करें ग्रामीण
तहसीलदार हरिओम अत्री ने कहा कि कब्जाधारियों के प्रति अभी कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है और जब तक जांच पड़ताल पूरी नहीं होती तब तक कब्जा नहीं लिया जा सकता। अगर कोई कब्जाधारी ऐसे करके व्यवस्था खराब करता है तो गांववासी पुलिस प्रशासन को उसकी शिकायत कर सकता है।