माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की हवा सेहत और बिगड़ी है। शुक्रवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 254 दर्ज किया गया। हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों की संख्या मानक से चार गुना ज्यादा रही।
वातावरण में धूल और धुएं के बढ़ने से ऐसा हुआ है। तापमान में कमी होने और हवा नहीं चलने के कारण धूल और धुएं के कण वातावरण की निचली परत में ही रहने से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इससे सांस और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। गले में खराश और आंखों में जलन की समस्या हो रही है।
शुक्रवार को पीएम-2.5 का स्तर औसत 239 दर्ज किया गया। भारत में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार यह 100 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। पीएम-2.5 कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि वे फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं। अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। शहर में पीएम-2.5 का स्तर वीरवार को रात के 11 बजे से बढ़ना शुरू हुआ। यह शुक्रवार को सुबह 11 बजे अधिकतम रहा। पीएम-10 का स्तर 50 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह 196 दर्ज किया गया। इसका स्तर वीरवार की रात को आठ बजे से शुक्रवार की दोपहर 12 बजे तक ज्यादा रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ रणदीप सिंधू ने बताया कि शहर की हवा में सुधार के लिए विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम प्रभावी रूप से उठाए जाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी और फील्ड स्तर पर तैनात टीमों को सक्रिय किया जाएगा।
चार नवंबर को सबसे खराब रही हवातारीख एक्यूआई
छह नवंबर 178
पांच नवंबर 216
चार नवंबर 270
तीन नवंबर 280
दो नवंबर 348
एक नवंबर 251
31 अक्तूबर 235