माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की शुमार सीएचडी सिटी में सीवरेज निकासी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कॉलोनी में सीवरेज लाइनें मुख्य निकासी से ही नहीं जोड़ी गईं। सीवर का पानी खाली प्लॉटों के गड्ढ़ों में उतारा जाता है। बिल्डर ने इस सिटी में कोई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं बनाया। बाहरी कॉलोनियों के लोगों ने भी सीएचडी सिटी की सीवरेज लाइन में अवैध रूप से कनेक्शन करना शुरू कर दिया है।
कॉलोनी निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में करीब दो हजार परिवार रह रहे हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। सीवरेज निकासी न होने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी मंडराने लगे हैं। इस समस्या को लेकर सरकार व प्रशासन को शिकायत भी दी। लोगों ने चेतावनी दी हैं कि अगर जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2017 में 170 एकड़ भूमि पर सीएचडी सिटी को विकसित किया गया था। कॉलोनी में सीवरेज लाइन तो बिछा दी गई लेकिन उसे मुख्य निकासी से जोड़ने का काम आज तक नहीं किया गया। निकासी न होने से सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
एसटीपी और आउटलेट दोनों नदारद
कॉलोनी में न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया गया और न ही किसी तरह का आउटलेट तैयार किया गया। ऐसे में सीवरेज का प्रबंधन असंभव हो चुका है। लोगों का कहना है कि बाहरी कॉलोनियों के लोग भी चोरी-छिपे मुख्य सीवर लाइन में सेंध लगाकर अपना सीवरेज जोड़ रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यहां तक कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक को गुमराह किया गया। दस्तावेजों में सब कुछ सही दिखाया गया लेकिन हकीकत यह है कि पूरी कॉलोनी बिना उचित सीवरेज सिस्टम के चल रही है।
कई बार हो कर चुके शिकायत, पर कार्रवाई शून्य :
सीएचडी सिटी आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी इस समस्या को लेकर डीटीपी से लेकर मंत्रियों तक को शिकायत कर चुके हैं। कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि बरसात के दिनों में कॉलोनी की सड़कें गंदे पानी से भर जाती हैं और आसपास का माहौल दूषित हो जाता है।