पानीपत। मौसम ने रविवार को फिर करवट ली। सुबह हल्के बादल छाने के साथ करीब 21 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। मौसम विशेषज्ञ ने सोमवार से दो दिन बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में धान पकाई पर है और मंडी में धान बिक्री के लिए आया है। एजेंसियां 13 दिन बाद भी खरीद तेज नहीं कर पाई हैं। धान में आज भी नमी बताकर पीछे हट रही है। ऐसे में किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
जिले की सात मंडियों में धान खरीद कार्य चल रहा है। 77029 मीट्रिक टन की आवक हुई है। इसमें से 70870 मीट्रिक टन की खरीद की है। इसमें से सरकारी एजेंसी 673 मीट्रिक टन धान का उठान कर पाई है। यह 17.94 प्रतिशत है। मंडी में सबसे सुस्त सरकारी एजेंसियों की खरीद और उठान का कार्य चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर तक मंडी का निरीक्षण कर खरीद शुरू करने के लिए कह चुके हैं। इसके बावजूद एजेंसी धान में नमी बताकर पल्ला झाड़ रही हैं।
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आदेश का नहीं होता पालन
किसान रमेश कुमार और हरभगवान ने बताया कि धान की फसल छह महीने में पक कर तैयार होती है। वे मंडी में उम्मीद के साथ आते हैं। यहां उनकी फसल की खरीद नहीं की जाती। अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं और उनकी समस्या सुनकर भरोसा देकर चले जाते हैं। किसी भी अधिकारी के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है।
मौसम का पूर्वानुमान देखकर करें कटाई
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेष डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि रविवार को हवा की गति करीब 21 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। इससे फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार और मंगलवार को बारिश का अनुमान है। किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर फसल कटाई का कार्य करना चाहिए।