- करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, फतेहाबाद और पलवल में बनाए जाएंगे स्टील साइलो
- निर्माण के लिए स्थल चयनित, प्रत्येक स्थल के लिए चार-चार एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण
देव शर्मा
करनाल। गेहूं उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ ही भंडारण की समस्याएं सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा में तीन लाख मीट्रिक टन क्षमता के स्टील साइलो बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए करनाल के असंध व घरौंडा सहित छह जिलों में 12 साइलो बनाए जाएंगे। केंद्र ने हरियाणा सरकार से चयनित स्थानों पर भूमि उपलब्ध कराने को कहा है।
हर साल विभिन्न खाद्यान्न की एमएसपी पर खरीद होती है। जिस खाद्यान्न को सरकार खरीदती है तो उसका भंडारण भी होता है। जो भविष्य के लिए भी काम आता है, जैसे कि कोरोना काल में गेहूं का भंडारण काम आया। इस साल गेहूं की खरीद के दौरान हरियाणा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के पास गेहूं के भंडारण गृहों की कमी बेहद खली। यही कारण रहा कि सबसे बड़ी एजेंसी होने के बावजूद गेहूं खरीद में हाथ खींचने पड़े। परिणाम ये रहा कि हरियाणाभर में गेहूं खरीद के मामले में हैफेड ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले से अधिक गेहूं खरीद की, क्योंकि हैफेड के पास भंडारण की क्षमता अधिक है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक करनाल अनिल कालरा ने बताया कि इसके लिए भारत सरकार ने हरियाणा सरकार को भूमि उपलब्ध कराने काे कहा है। जिसके तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक (भंडार) ने सभी करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, फतेहाबाद और पलवल जिलों के उपायुक्तों को भूमि की उपलब्धता के लिए पत्र लिखा है। इन जिलों के डीएफएससी को भी मामले में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। साइलो के लिए शीघ्र भूमि अधिगृहण किया जाना है।
यहां बनेंगे स्टील साइलो
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक करनाल अनिल कालरा ने बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा में सुरक्षित भंडारण और खाद्यान्न की गुणवत्ता को बरकरार रखने के उद्देश्य से स्टील साइलो का निर्माण करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए स्थान चयनित कर लिए हैं। इनमें करनाल जिले में असंघ और घरौंडा, पानीपत जिले में समालखा, सोनीपत जिले में गोहाना, जींद जिले में पिल्लूखेड़ा, उचाना और फतेहाबाद जिले में फतेहाबाद, रतिया और भूना तथा पलवल जिले में पलवल और होडल में साइलोज का निर्माण किया जाना है। प्रत्येक साइलो 25 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता का होगा। सभी 12 साइलो की भंडारण क्षमता कुल तीन लाख मीट्रिक टन होगी।
भूमि अधिग्रहण की शर्तें
केंद्र सरकार के पत्र में भूमि अधिग्रहण की कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिसमें प्रत्येक स्थल पर भूमि का क्षेत्रफल चार एकड़ होना चाहिए। भूमि सभी बाधाओं से मुक्त होनी चाहिए। भूमि ऐसी होनी चाहिए, जिसकी स्पष्ट और बेहतर तरीके से मुख्य मार्ग तक पहुंच हो। जमीन बेची गई नहीं होनी चाहिए। भूमि से कोई हाईटेंशन बिजली लाइन आदि गुजरती नहीं होनी चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं होनी चाहिए।