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मोटी रकम सरेंडर करो, वरना देख लेना...

Sun, 02 Oct 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
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व्यवसायी सुनील बिंदल - फोटो : amar ujala
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व्यापारियों पर कसा गया शिकंजा अब आयकर विभाग के लिए ही आफत बनता जा रहा है। शहर के एक बड़े व्यापारी ने आयकर विभाग के अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप जड़े हैं। आरोप है कि उसके पास आयकर विभाग के अधिकारी ने फोन किया और धमकी दी कि मोटी रकम सरेंडर करो और होटल से जुड़े अन्य व्यापारियों की भी सरेंडर कराओ, नहीं तो फिर देख लेना। व्यापारी ने सीधे तौर पर अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का भी आरोप जड़ा है। व्यापारी व्यापार मंडल समेत तमाम प्रतिनिधियों से संपर्क कर सीएम से मिलने की तैयारी में है। 
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आयकर विभाग ने इनकम डिस्कलोजर स्कीम शुरू की थी। इसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। योजना के तहत यदि कोई भी व्यापारी अपनी आय का 45 प्रतिशत जमा करा देता है तो उसके यहां किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जाएगी। इस योजना के तहत करनाल समेत तीन अन्य जिलों के व्यापारियों ने 200 करोड़ से ज्यादा की राशि सरेंडर की है। इस योजना के तहत व्यापारियों से स्वैच्छिक रूप से अपनी संपत्ति घोषित कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई थी। 

आरोप है कि करनाल स्थित आयकर विभाग के अधिकारियों ने संपत्ति घोषित करने के लिए जबरदस्त दबाव बनाया। आरोप है कि फोन करके व्यापारियों को ऑफिस बुलाया गया और उनको डरा धमकाकर संपत्ति सरेंडर कराई गई। हालांकि, किसी भी व्यापारी ने इस बात की खुलकर मुखालफत नहीं की, लेकिन अंदर खाते सभी व्यापारी एक दूसरे से आयकर विभाग के रवैये को लेकर बात कर रहे हैं। गोल्डन मूवमेंट होटल के संचालक सुनील बिंदल ने आयकर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दी है और कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। 
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एक नंबर में कितनी और दो नंबर में कितनी

रिजॉर्ट गोल्डन मूवमेंट के मालिक व शहर के प्रमुख व्यवसायी सुनील बिंदल मीडिया से मुखातिब होकर आयकर विभाग के अधिकारियों पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने जमकर तानाशाही चलाई है। बिंदल ने बताया कि 28 सितंबर को उनके पास एक आयकर अधिकारी ने फोन किया और धमकाया कि मोटी रकम सरेंडर करो और अपने साथियों से भी कराओ। बिंदल ने आरोप लगाया कि फोन पर संबंधित अधिकारी ने एक और दो नंबर (रिशवत) के कितने पैसे हैं, जमा कराओ यह भी कहा। इसके अलावा, ऐसा नहीं करने पर अंजाम भुगतने की धमकी तक दी गई। व्यवसायी का कहना है कि उन्होंने कहा कि कार्यालय में बड़े अधिकारी के पास आओ तो अपना पैसे का इंतजाम करके आना, नहीं तो फिर। बिंदल ने प्रदेश के सीएम व केंद्रीय वित्त मंत्री समेत अन्य को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे और बाकायदा मामले को लेकर सीएम से लेकर पीएम तक जाएंगे। वे इस मामले को लेकर अदालत का भी दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने एसपी पंकज नैन से मुलाकात की थी। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने बताया कि रविवार को करनाल आ रहे मुख्यमंत्री से भी शिकायत की जाएगी। व्यापारिक संगठनों ने आश्वासन दिया है कि संगठन उनके साथ है। व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बात की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया कि जल्दी ही आयकर विभाग के कार्यालय के सामने व्यापारी धरना और प्रदर्शन करेंगे। यदि फिर भी दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो दिल्ली भी कूच किया जाएगा। 

एक लाख लोगों को भेजे नोटिस
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, सीएम सिटी में आयकर विभाग ने करीब एक लाख नोटिस भिजवाए हैं। इनमें से काफी संख्या में लोगों ने अपनी अवैध संपत्ति सरेंडर कर दी है, जिन लोगों ने नोटिस को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई उनके यहां पर छापेमारी की पूरी संभावना है। जल्द ही दोबारा से शहर में छापेमारी का अभियान चल सकता है।  

अधिकारियों के कहने पर किए थे फोन : भूषण
इस बारे में आयकर विभाग के अधिकारी भूषण कुमार ने बताया कि आला अधिकारियों के कहने पर ही फोन किया गया था। फोन पर न तो धमकी दी गई और न ही कोई ऐसी बात कही गई, जैसी व्यापारी बिंदल कह रहे हैं। फोन पर सिर्फ आला अधिकारियों के पास ऑफिस आने को लेकर कहा गया था। रिश्वत के आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, जब भूषण से उनके आला अधिकारियों के नंबर देने के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास नंबर नहीं हैं। हालांकि, भूषण ने यह भी कहा कि उनके अलावा अन्य इंस्पेक्टर भी फोन करने के लिए ड्यूटी लगाई गई थी, फोन करने वाले वे अकेले नहीं हैं। 
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