बैकों में सोमवार को कैश आने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली लेकिन यहां भी परेशानी यह है कि एटीएम से दो हजार रुपये के नोट निकल रहे हैं, जिनको कोई खुल्ले नहीं कर रहा है। हालांकि, बैंकों में अभी भी भीड़ कम नहीं हो पा रही है और बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण बैकों के भी हालात इसी प्रकार हैं। कैश लेने के लिए लोग सुबह से शाम तक लाइनों में हैं, हालांकि जिले कई बैंकों में दोपहर को ही कैश नहीं होने की बात कही गई, इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी और कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने रोष भी जाहिर किया। कुंजपुरा रोड, अंबेडकर चौक, दयाल सिंह कॉलेज के पास व प्रेम नगर स्थित पीएनबी बैंक के बाहर सुबह आठ बजे से ही लाइन लगने लगी थी।
खास बात यह है कि अभी बैंक शादी वाले परिवारों और किसानों को पैसे नहीं दे रहे हैं। इससे परिवारों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। शादी के कार्ड लेकर सुबह कुछ लोग डीसी कार्यालय पहुंच गए और डीसी को पूरे मामले की जानकारी दी। बाद में डीसी ने बैंक अधिकारियों को मौखिक निर्देश जारी किए कि उनको ढाई ढाई लाख रुपये दिए जाएं।
28 को दो बेटियों की शादी है, नहीं मिले पैसे : सतबीर सिंह
डीसी कार्यालय में पहुंचे गांव कुरलन के किसान सतबीर सिंह ने बताया कि वह पेशे से किसान हैं और 28 नवंबर को उसकी दो बेटियों की शादी है और वह आज पैसे लेने के लिए जलमाना स्थित एचडीएफसी शाखा में शादी समारोह के लिए पैसे लेने के लिए गया था, लेकिन बैंक अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि अभी ऐसे कोई दिशा निर्देश नहीं है। इसके बाद उसने इसकी शिकायत डीसी मंदीप सिंह बराड़ को भी की। डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने किसान सतबीर सिंह की समस्या सुनकर तुरंत लीड बैंक के मैनेजर राजिंद्र मल्होत्रा को फोन किया कि किसान की समस्या तुरंत हल की जाए। किसान यहां भी पहुंचा, लेकिन राजिंद्र मल्होत्रा ने एचडीएफसी के अधिकारियों से संपर्क साधा और उनसे कहा कि किसान की मदद की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय स्टेट बैंक तथा सिंध बैंक जरूरतमंदों को शादी के लिए अढाई-अढाई लाख रुपए दे रहा है, लेकिन कई बैंक अभी पैसे नहीं दे रहे हैं।
आज फिर बुलाया बैंक ने
करनाल स्थित एचडीएफसी की शाखा में पहुंचे किसान सतबीर सिंह ने जब मामला सामने रखा तो बैंक के कलस्टर हैड आशु मुंजाल ने कहा कि फिलहाल आरबीआई की तरफ से बैंक को कोई दिशा निर्देश नहीं है। चूंकि किसान के घर दो बेटियों की शादी है, इसलिए बैंक उनकी मदद करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि किसान को यदि हफ्ते में एक बार मिलने वाली 24 हजार की राशि तथा किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली 50 हजार की राशि जलमाना शाखा से नहीं मिलती तो वह कुंजपुरा रोड स्थित अपनी शाखा से किसान को हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं। आरबीआई के दिशा निर्देश न मिलने के बावजूद करनाल की एचडीएफसी शाखा ने किसान को फिलहाल कल दोबारा बुलाया है, ताकि उसे नगदी उपलब्ध करवाई जा सके। बैंक के स्थानीय मैनेजर अजीत पाल ने बताया कि बैंक किसान सतबीर सिंह को मंगलवार को मदद मुहैया करवा देगा। कुछ इसी प्रकार की स्थिति अन्य परिवारों के साथ भी बनी हुई है।
भीड़ देखकर बैंक का गेट किया बंद
बल्ला। एचडीएफसी बैंक बल्ला शाखा में भीड़ को देखकर बैंक कर्मचारियों ने एटीएम एवं बैंक शाखा का गेट बंद कर दिया गया। उपभोक्ता एटीएम के सामाने लाइन लगाकर खड़े रहे। बैंक का दरवाजा बंद होने के कारण बैंक कर्मचारियों से सपंर्क नहीं हो सका। दूसरी ओर पीएनबी बैंक में एटीएम मशीन में लंबी लाइन लगाकर उपभोक्ताओं ने 2 हजार के नोट निकाले। ग्रामीण चांद एवं सुरेश का कहना है कि कई दिनों के बाद पहली बार एटीएम मशीन से 2 हजार के नए नोट निकालकर उन्हें एक टुक होकर देखते नजर आए। उन्होंने बताया कि 35 हजार जनसंख्या वाले गांव में किसान एवं विवाह शादी वाले ग्रामीण बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है। किसानों को बिजाई के लिए गेहूं का बीज एवं खाद खरीदने के लिए भी पैसों की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को सरकार के बयान अनुसार शादी के लिए 2.50 लाख और कृषि के लिए 24 हजार का ब्यान झूठा साबित हो रहा है। ग्रामीण रामफल एवं दलबीर ने बताया कि मोदी का फैसला सही है, लेकिन नए नोटों की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को परेशानी आ रही है। जल्द पैसों का प्रबंध नहीं किया गया तो किसान, छोटे दुकानदार, मिस्त्री एवं मजदूरों को दैनिक सामान की भी दिक्कतें सामने आने लग गई हैं।
भाकियू ने बुलाई बैठक
असंध। नई करेंसी के अभाव में किसानों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर यहां नई अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई गई। भाकियू के खंड प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसानों की मांगों व समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। झींडा ने कहा कि किसानों के पास नई करेंसी न होने की वजह से किसान वर्ग को भारी परेशानियों का सामाना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय किसानों के समक्ष यूरिया खाद की किल्लत बनी हुई है। आलम यह कि पहले पलेवे के बाद गेहूं के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है, लेकिन करेंसी के अभाव में खाद विक्रेता किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करवा रहे। यही नहीं यूरिया खाद के साथ-साथ अन्य दवाइयां भी थोप रहे हैं। उन्होंने चेताया कि सरकार ने समस्या के समाधान के त्वरित, प्रभावी व ठोस पहल नहीं की तो किसानों को संघर्ष के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर स्वर्ण सिंह, जसवंत सिंह, अनिल कुमार, निरवैर सिंह, रणजीत सिंह, गुरनाम सिंह, बलविंद्र सिंह व ऋषिपाल आर्य सहित अन्य मौके पर मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गुलाटी को ढाई लाख देकर की शुरूआत
करनाल। नोटबंदी के चलते विवाह-शादी खर्च के लिए बैंकों की ओर से संबंधित परिवार को ढाई लाख रुपये देने की सरकार की। घोषणा के तहत इंडियन बैंक की शाखा ने करनाल के ही डॉ. अशोक गुलाटी को कैश देकर पहल की। डॉ. गुलाटी यह राशि अपनी बेटी के विवाह में खर्च करेंगे। बैंक ने जोनल मैनेजर संदीप गुप्ता व मैनेजर सूरज भान की उपस्थिति में नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता के हाथों यह राशि डॉ. गुलाटी को भेंट की गई। उनके साथ समाजसेवी भगवान दास अग्गी व मुकेश अरोड़ा भी थे। बतौर जोनल मैनेजर ऐसे कस्टमर जिनका बैंकों में खाता है और विवाह खर्च के लिए कम से कम अढ़ाई लाख रुपये खाते में जमा हैं, वह अपने खाते से इतना कैश निकलवा सकता है। इसके लिए वर और वधु पक्ष के दुल्हा-दुल्हन दोनों के विवाह के कार्ड की एक-एक प्रति चेक के साथ लगानी अनिवार्य है। अढाई लाख रुपये निकलवाने वाले कस्टमर को एक अंडरटेकिंग यानि वचन पत्र भी देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि उन्होंने संबंधित बैंक के अलावा और किसी से इतनी राशि नहीं निकलवाई है।