गांव सांभली के पास रविवार सुबह ओवरटेक करते हुए क्रूजर और कार की टक्कर
हो गई। इसमें 18 लोग घायल हो गए। यह सभी गांव सुल्तानपुर में रस्म क्रिया
में कैथल जिले के बाता गांव से जा रहे थे। इसमें दोनों गाड़ियों के 18 लोग
घायल हो गए। इनमें से दो महिलाओं को गंभीर हालत में चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर
दिया गया, लेकिन घायलों के परिजन उन्हें प्राइवेट अस्पताल में ले गए।
क्रूजर को ओवरटेक करने के चक्कर में कार चालक ने कट मारा और क्रूजर चालक का
संतुलन बिगड़ने से क्रूजर की कार से भिड़ंत हो गई और पलट गई।
पलटी क्रूजर
के ऊपर कार चढ़ गई। हादसे में गांव बाता की 11 महिलाओं सहित 17 लोग घायल हो
गए और दूसरी कार का ड्राइवर सतीश वासी गुलरपुर भी घायल हो गया। पुलिस चौकी
इंचार्ज सुरेंद्र कुमार का कहना है कि घायलों की रिपोर्ट पुलिस थाने में
दी जा चुकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव बाता वासी घायल
विक्रम ने बताया कि वह करनाल के गांव सुल्तानपुर में उनके रिश्तेदार की
रस्म क्रिया में दुख प्रकट करने जा रहे थे। रास्ते में सांभली के पास
दुर्घटना हो गई। उन्होंने बताया कि वह क्रूजर में करनाल की तरफ और सामने से
ट्रक आ रहा था। इस दौरान पीछे कार चालक ने गाड़ी को ओवरटेक किया। ओवरटेक
के दौरान ट्रक भी नजदीक आ चुका था। इस पर कार चालक ने क्रूजर के आगे कट
मारा। इससे क्रूजर का संतुलन बिगड़ गया और क्रूजर और कार में भिंड़त होकर
क्रूजर पलट गई और कार इसके ऊपर चढ़ गई। हादसे के बाद सभी लोग सहम गए और
बचाव के लिए आवाजें लगाने लगे। आसपास के लोग भी बचाव के लिए दौड़ आए।
घायलों के रिश्तेदार बलजीत ने बताया कि उनके बड़े भाई की मौत हो गई है और
उसकी शनिवार को तेरहवीं थी। गांव बाता में उसके भाई की ससुराल थी और आज
उन्हें रस्म क्रिया में पहुंचना जरूरी था। उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली
और वह अस्पताल में आए हैं। बाता गांव के लोग अपने बेटी का ढांढस बंधाने के
लिए एकजुट होकर जा रहे थे। दुख प्रकट करने से पहले ही उन पर दुख टूट पड़ा।
हादसे में यह हुए घायल
हादसे
में गांव बाता वासी बाला, राजकली, मूर्ति, रामरती, रमेश, विक्रम, रोशनी,
साभो, पतासो, फुली, मामो, लाजवंती, पतासो, रमेश, महाबीर, रमेश, सुभाष और
गुलरपुर वासी कार चालक सतीश घायल हो गया। इनमें से अधिक चोट आने के कारण
बाता गांव वासी मामो व पतासो को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
मरीजों से ओवरलोड है अस्पताल
कल्पना
चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लहूलुहान अवस्था में पहुंचे
लोगों को देख अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। एकदम इतने मरीजों को तुरंत
इलाज के इंतजाम ढीले नजर आए। सात से आठ घायल स्ट्रैचर पर इलाज करवाते रहे,
जबकि एक दर्जन घायलों को अस्पताल के फर्श पर लेटकर इलाज मिला। डेंगू बुखार
के चलते अस्पताल पहले ही ओवरलोड है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो घायल और
बीमार लोगों को अपने घर से फोल्डिंग लेकर आना पड़ रहा है। अस्पताल में
व्यवस्था चरमरा गई है और मरीज परेशान हैं।
डॉक्टर और पुलिस ने फर्श पर बैठकर बनाई रिपोर्ट
घायलों
को तुरंत इलाज देने के लिए डॉक्टर और पुलिस कर्मचारी फर्श पर बैठकर
रिपोर्ट बनाते गए। डॉक्टर ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनका
हालचाल जाना। पुलिस कर्मचारियों ने घायलों की सूची बनाने के लिए और कानूनी
कार्रवाई करने के लिए उनके एड्रेस नोट किए। इस दौरान घायल अस्पताल की
व्यवस्था को कोसते नजर आए।