करनाल।
पुलिस को समाज सेवा के सबसे अधिक अवसर प्राप्त होते हैं। हमें इनका लाभ
उठाते हुए मानवता की सेवा करनी चाहिए। यह बातें हरियाणा पुलिस महानिदेशक
यशपाल सिंघल ने शनिवार को हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में आयोजित दीक्षांत
परेड के अवसर पर जवानों को संबोधित करते हुए कही। सिंघल ने मुख्य अतिथि के
तौर पर रिक्रूट बैच संख्या 81 की दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी
ली। बैच की 1 महिला सहित 94 सिपाहियों ने समारोह में राष्ट्रीय ध्वज के
सामने कर्तव्य निष्ठा की शपथ ली।
सिंघल ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद का
सफर और भी चुनौतीपूर्ण होगा। पुलिस को केवल रोजगार मानकर नौकरी की तो
प्रत्येक छोटी समस्या भी पहाड़ जैसी दिखाई देगी, लेकिन पुलिस सेवा
राष्ट्रसेवा की राह है, समझने से प्रत्येक डगर आसान लगने लगेगी।
प्रशिक्षण
में हरियाणा सशस्त्र पुलिस की चतुर्थ वाहिनी मधुबन के सिपाही संदीप कुमार
ने प्रथम, सिपाही वीरेंद्र कुमार ने द्वितीय तथा तृतीय वाहिनी हिसार के
सिपाही भूपेंद्र सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया। मुख्य अतिथि के संबोधन से
पूर्व हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक केके सिंधु ने मुख्य अतिथि सहित
समारोह में उपस्थित अधिकारियों, नागरिकों का स्वागत किया। सिंधु ने कहा कि
रिक्रूट सिपाही बैच संख्या 81 में 94 सिपाहियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया
है इनमें 3 परास्नातक, 19 स्नातक हैं। उन्होंने बताया कि अकादमी में 30
सितंबर 2015 तक देश-विदेश के 2 लाख 16 हजार से अधिक पुलिस एवं प्रशासनिक
कर्मी व अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इस मौके पर संयुक्त निदेशक
राजबीर सिंह देशवाल, महानिरीक्षक डॉ. सुमन मंजरी, करनाल रेंज के पुलिस
महानिरीक्षक हनीफ कुरैशी, उप महानिरीक्षक शिबास कविराज, अकादमी के पुलिस
अधीक्षक बलबीर सिंह उपस्थित रहे।
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अकादमी को मिला आधुनिक शिक्षण भवन
करनाल।
डीजीपी ने अकादमी में 5 करोड़, 30 लाख रुपये की लागत से बने नए शिक्षण भवन
का उद्घाटन किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन अकादमी में
प्रशिक्षण गुणवत्ता के विकास में सहायक होगा। हरियाणा पुलिस आवास निगम के
प्रबंध निदेशक/पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि इस भवन का निर्माण
कार्य अपने निश्चित समय से ढाई महीने पहले पूरा हुआ है। चार मंजिल के इस
भवन में शिक्षण कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इस
भवन में एक साथ 1146 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने
बताया कि निगम का लक्ष्य है कि हरियाणा पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को आवास
व कार्यस्थल पर संसाधनों की तंगी से मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए सरकार ने
550 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है जिससे प्रत्येक जिले में 3000
मकानों का निर्माण आने वाले 3 साल में पूरा किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के
बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डीएवी शिक्षण
संस्था से सहयोग ले रहे हैं। अभी 11 स्कूल पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल खोले
जा चुके हैं, 10 स्कूल शीघ्र ही प्रत्येक जिले में आरंभ किए जाएंगे।