स्वास्थ्य विभाग कैंसर पीड़ित मरीजों को फ्री बस सेवा के बाद अब पेंशन की सुविधा भी देगा। इसमें कैंसर से पीड़ित केवल तीसरी और चौथी स्टेज वाले ही मरीज शामिल किए गए हैं। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग प्रतिमाह 2750 रुपये पेंशन के रूप में मुहैया कराएंगा।
मात्र तीसरी और चौथी स्टेज के मरीजों को मिलेंगी सुविधा
डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कैंसर पीड़ितों को पेंशन दिलाएंगा। इससे पहले सरकार की ओर से कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए फ्री बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल 625 कैंसर पीड़ित मरीज रजिस्टर्ड हैं। जिन्हें प्रदेश सरकार फ्री बस सेवा दे रही है। वहीं पेंशन के मामले में सभी कैंसर पीड़ितों को यह सुविधा नहीं दी जाएगी। इसमें सिर्फ कैंसर की तीसरी व चौथी स्टेज वाले मरीजों को सुविधा दी जाएगी।
ओपीडी कार्ड के साथ स्टेज दर्ज होना जरूरी
मरीजों को अपने सभी दस्तावेजों को सिविल सर्जन कार्यालय के 16 नंबर कक्ष में जमा करानी होगी। इसके बाद विभाग सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करेंगा और उसे समाज कल्याण विभाग के पास भेजेंगा। इसके बाद समाज कल्याण विभाग उनकी क्रीड के माध्यम से वैरिफिकेशन के बाद पेंशन शुरू की जाएगी।
कैंसर स्टेज का प्रमाण पत्र भी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कैंसर से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग से पेंशन लेने के लिए कैंसर स्टेज का प्रमाण पत्र लेकर आना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल कुरुक्षेत्र, सिविल अस्पताल अंबाला, पीजीआईएमएस चंडीगढ़ व पीजीआईएमएस रोहतक से मरीज प्रमाण पत्र ले सकता है। इसके अलावा जिस सिविल अस्पताल में कैंसर मरीजों का इलाज होता है वहां से भी मरीज प्रमाण पत्र ले सकता है।
परिवार पहचान पत्र में तीन लाख से कम आय भी जरूरी
वित्तीय सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दस्तावेजों में ओपीडी कार्ड के साथ तीसरी व चौथी स्टेज का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, दो फोटो, बैंक की कॉपी सहित परिवार पहचान पत्र में मरीज के परिवार की आय तीन लाख रुपये से कम होनी भी जरूरी है। इससे अधिक आय होने पर भी पेंशन की सुविधा नहीं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अधिकारी के अनुसार
प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कैंसर मरीजों को पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मरीजों को सभी जरूरी दस्तावेजों को विभाग के पास जमा कराना होगा। जिसके बाद अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को प्रतिमाह 2750 रुपये पेंशन दी जाएगी। -डॉ. विनोद कमल, सिविल सर्जन, करनाल।