नीलोखेड़ी। बुटाना गांव के समीप नहर में सिंचाई विभाग द्वारा पानी छोड़ने के कुछ घंटे बाद ही पटरी टूट गई। जिससे पानी खेतों में चला गया और सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न हो गई। कई किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप हैै कि संबंधित विभाग हर वर्ष सफाई करने के नाम पर मात्र औपचारिकताएं निभाता है।
बुटाना निवासी कंवरपाल, शिव कुमार शर्मा, प्रवीन कुमार, पृथ्वी सिंह, फूल कुमार, भरत सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने इस नहर को साफ करने के लिए मनरेगा मजदूरों को लगाया था। मजदूरों ने नहर के बीच खड़े घास फूस आदि को उखाड़करनहर के अंदर ही छोड़ दिया है। जिसका विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण तक नहीं किया। मंगलवार सुबह इसमें पानी और छोड़ दिया गया। उखाड़े गए घास-फूंस आदि से आगे रुकावट पैदा हो गई और कमजोर पटरी के कारण वह टूट गई और सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह टूटी पटरी को ठीक कराया लेकिन उसमें से अब भी रिसाव जारी है। इसके बावजूद अब तक किसी उच्चाधिकारी ने स्थिति का जायजा नहीं लिया है।