करनाल। प्रदेशभर के करीब 35 हजार आढ़तियों को करीब 22 करोड़ रुपये का झटका लगा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने 2.50 प्रतिशत प्रति क्विंटल आढ़त (दामी) देने से साफ इनकार कर दिया है। हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से बातचीत की थी। वहीं केंद्र सरकार ने 2.50 प्रतिशत यानी 49.37 रुपये के बजाय पुरानी दर 46 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करीब 80 प्रतिशत आढ़त का भुगतान जारी कर दिया है लेकिन हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन केंद्र सरकार के इस रुख से संतुष्ट नहीं है। वह आंदोलन की रणनीति पर विचार कर रही है।
खरीद से पहले 2.50 प्रतिशत आढ़त देने का दिया था भरोसा
पिछले दिनों एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं की आढ़त का पूरा भुगतान अभी नहीं हो सका है। जब आढ़तियों ने आंदोलन किया था तो हरियाणा सरकार ने खरीद शुरू होने से पहले ही 2.50 प्रतिशत आढ़त देने की बात कही थी। जो करीब 49.37 रुपये प्रति क्विंटल होती है। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि एसोसिएशन के राज्य प्रधान अशोक गुप्ता की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिलकर भी 2.50 प्रतिशत आढ़त देने आदि को लेकर वार्ता की गई थी। जिसमें केंद्र सरकार से वार्ता करने की बात भी कही गई थी। यह भी कहा गया कि जब प्रदेश सरकार के अधिकारी केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के अधिकारियों से वार्ता करें तो एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जाए। रजनीश चौधरी ने बताया कि पिछले दिनों हरियाणा सरकार के अधिकारियों की केंद्र सरकार के अधिकारियों से बातचीत हुई लेकिन इसमें केंद्र ने 2.50 प्रतिशत आढ़त देने से साफ इनकार कर दिया है।
राज्य सरकार ने केंद्र को लिखा था पत्र
हरियाणा सरकार की 2.5 प्रतिशत आढ़त देने की घोषणा को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी पिछले दिनों केंद्र सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री को आढ़त को 2.50 प्रतिशत किए जाने को पत्र लिख चुके हैं। सरकार ने आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त दिलाने के लिए प्रयास भी किए हैं लेकिन केंद्र सरकार अभी आढ़त को बढ़ाने के पक्ष में नहीं दिख रही है।
46 रुपये की दर से प्रदेशभर के करीब 35 हजार आढ़तियों को 80 प्रतिशत आढ़त का भुगतान भी जारी कर दिया है। 20 प्रतिशत आढ़त राशि अभी बाकी है। इससे आढ़तियों को करीब 20 से 22 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान होगा। केंद्र सरकार का रुख आढ़तियों को रास नहीं आया है। शीघ्र राज्य स्तरीय बैठक बुलाकर आंदोलनात्मक रणनीति तैयार की जाएगी। आगामी सीजन में खरीद करें या न करें, इस पर भी विचार विमर्श किया जाएगा।
-रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन