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बैंकिंग हड़तालः 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के राष्ट्रीय आह्वान पर निजीकरण के विरोध में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। इससे करीब 400 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। शनिवार और रविवार दो दिन के अवकाश के बाद तीसरे दिन भी बैंक बंद रहने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बैंकों की यह हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। वहीं हड़ताली अधिकारियों कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के निकट पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय सेक्टर 12 के सामने धरना प्रदर्शन किया।
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दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में जिले की पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनाइटेड बैंक, केनरा बैंक आदि सभी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं की जिलेभर में करीब 235 शाखाएं सुबह से ही बंद रहीं। सुबह से ही पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय पर टेंट लगाकर सभी बैंक अधिकारियों कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया। आईवॉक हरियाणा के प्रांतीय प्रधान कामरेड उमेश भाटिया ने कहा कि बैंक की यह दो दिवसीय हड़ताल निजीकरण के विरोध में है। यदि सरकार अभी कोई निर्णय नहीं लेती है तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। अब बैंक अधिकारियों कर्मचारियों ने सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ करो या मरो का निर्णय लिया है। इसमें मुख्य रूप से कामरेड नरेंद्र भाटी, कामरेड निशू तोमर, विकास, कामरेड दीपक गर्ग, विजय कुमार, जसवीर पन्नू, कपिल ढ़ाकला, बीके मेहता, नवीन, कामरेड जितेंद्र, हिमांशु कटारिया, अनिल अनेजा, दीपक सुनेजा आदि करीब 300 अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। बैंकों की हड़ताल से दिनभर लोग बैंक शाखाओं से लौटते रहे, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
दिनभर खाली रहीं बैंक शाखाएं
- एलडीएम सुरेंद्र सिंघाल ने बताया कि जिले में करीब 275 बैंक शाखाएं हैं, जिनमें से 40 प्राइवेट बैंक शाखाओं को छोड़कर 235 में आज हड़ताल के कारण लेनदेन नहीं हो सका है। दिनभर बैंक शाखाएं खाली रहीं, जिससे करीब 400 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। कई बड़े उद्योगों को इससे बड़ी परेशानी हुई है।
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रविवार की शाम को ही एटीएम में कैश खत्म
रविवार को तीन बार एटीएम पर धनराशि निकालने गए लेकिन दोपहर तक भीड़ के कारण नंबर नहीं आया। शाम को फिर गए तो एटीएम में कैश खत्म हो गया। अपने ही खातों से धनराशि नहीं मिल पाने से परेशानी हो रही है।
-किशोरी लाल, रामनगर
मांगे बैंक की, खामियाजा आम आदमी भुगत रहा
-पिछले कई दिनों से लगातार अवकाश है। होली नजदीक आ चुकी है। बाजार से खरीदारी करनी है लेकिन शहर के अधिकांश एटीएम नो कैश की स्थिति में हैं। मांगे बैंक कर्मचारियों की है, आम आदमी को इसका खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।
-नितिन प्रेमनगर
अपने ही खाते से पैसे नहीं निकाल पा रहा
-एक निजी कार्य से धन की अत्यंत जरूरत है, खाते में धनराशि भी है लेकिन बैंक की हड़ताल के कारण आज अपने ही खाते से धनराशि नहीं निकाल पा रहा हूं। एटीएम से पैसे निकालने की तो एक लिमिट होती है।
-ऋषभ गुुप्ता, महावीर दल अस्पताल के पास करनाल
सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए
-मांगे सरकार को माननी है, तो परेशानी जनता को क्यों दी जा रही है। सुबह से एटीएम एटीएम घूम रहा हूं, कहीं रुपये ही नहीं निकल रहे हैं। बैंक जाने का कोई फायदा नहीं है, वहां ताला लगा हुआ है। ऐसे में सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
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-रवि तिवारी, सेक्टर-12 करनाल
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