संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सोने के कारीगर आदिक पाटिल से 1.240 किलो सोना और 10 लाख रुपये की लूट के लिए साजिशकर्ता जुंडला गेट निवासी प्रिंस शर्मा का साथ उसके जीजा पुर्तगाल के रहने वाले विजय ने दिया। लूट की योजना की चर्चा के बाद जीजा ने ही अंबाला के दोनों बदमाश प्रवीन और प्रतीक से प्रिंस का संपर्क कराया। व्हाट्सएप पर बात के बाद प्रिंस ने उन्हें करनाल बुलाया और वारदात कराई। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रिंस कारीगर की दुकान पर आता जाता रहता था। यहां रोज सोना और नकदी आता-जाता देखकर उसके मन में जल्दी अमीर बनने का लालच आ गया था। इसके बाद उसने लूट का रास्ता बनाया। जिसे जीजा के माध्यम से सिरे चढ़ाया।
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी प्रिंस का सोने को गलाने और लेने-देने को लेकर हर रोज आदिक पाटिल की दुकान पर आना जाना था। खुद की कारीगर आदिक पाटिल से जान पहचान होने के कारण उसे लूट के लिए ऐसे बदमाश की जरूरत थी। जोकि वारदात को अंजाम देकर उसे लूटे सोना और नकदी से बराबर का हिस्सा दे सके। इसके लिए प्रिंस ने अपने पुर्तगाल में बैठे जीजा विजय से संपर्क किया और उन्हें लूट की साजिश के बारे में बताया। जीजा ने व्हाट्सएप पर प्रिंस को बताया कि अगर वह वहां के लोकल लोगों से संपर्क करेगा तो वो जल्दी पकड़ में आ जाएंगे। विजय ने खुद उन्हें बदमाश उपलब्ध करवाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विजय ने प्रिंस को व्हाट्सएप पर अंबाला के प्रवीन गुर्जर का नंबर भेजा और अपने साले को उनसे संपर्क करने के लिए कहा। जैसे ही प्रिंस और प्रवीन की व्हाट्सएप पर बात हुई तो योजनाबद्ध तरीके से वारदात अंजाम देने की कहानी रची गई।
सहकर्मी दिनेश ने की रेकी, दी हर पल की जानकारी
वारदात के लिए प्रिंस ने अपने साथ काम करने वाले सहकर्मी दिनेश को साथ लिया। इसके लिए दिनेश को तीन से चार लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद सहकर्मी दिनेश ने वारदात में शामिल होने की हां भर दी। उसका काम केवल रेकी करने और वारदात के दिन हर पल की जानकारी देने का था। इसके बाद ही प्रिंस और अंबाला के प्रवीन ने वारदात के लिए 3 जनवरी की रात का चयन किया।
पूरे दिन घूमकर ढूंढी सुनसान जगह
पुलिस के अनुसार, वारदात के लिए 3 जनवरी को अंबाला से प्रवीन और प्रतीक दोपहर के समय में करनाल पहुंच गए थे। प्रिंस और दिनेश के साथ आदिक के दुकान से सेक्टर-16 स्थित घर तक का रास्ता देखा। इसके बाद दोनों ने क्षेत्र का मुआयना किया। यहां वारदात के लिए उन्हें सेक्टर-16 सामुदायिक केंद्र के पास की सुनसान जगह को चुना। वहीं इस पूरी वारदात को अंजाम देने तक विजय भी लगातार आरोपियों के टच में रहा।