संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-16 में 3 जनवरी की रात को सोना कारीगर से हुई लूट में शामिल लुटेरों को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल के आधार पर गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वारदात के दिन जब आदिक पाटिल और उनके साले बबन माने रात को दुकान से काम खत्म करने के बाद स्कूटी पर सवार होकर घर जा रहे थे। रास्ते में दूसरी स्कूटी पर जुंडला गेट निवासी दिनेश शर्मा (आदिक पाटिल के पड़ोस की सराफा दुकान का कर्मचारी) खड़ा था। जैसे ही दोनों (आदिक और बबन माने) आरोपी दिनेश के पास से निकले तो उसने आरोपी प्रिंस को बता दिया कि स्कूटी उसके पास से निकल चुकी है। सोना करीगर की स्कूटी सेक्टर-16 में वारदात स्थल से थोड़ा पहले ही पहुंची थी कि अपनी स्कूटी पर पहले से खड़े मुख्य साजिशकर्ता आरोपी प्रिंस शर्मा ने कुछ दूरी पर खड़े प्रतीक को इशारा करके सोना कारीगर के बारे में बता दिया।
आरोपी प्रतीक ने स्कूटी को हाथ देकर रुकने का इशारा किया लेकिन स्कूटी नहीं रुकी तो कुछ दूरी पर छिपे आरोपी प्रवीन ने चलती स्कूटी पर सोना कारीगर आदिक पाटिल के सिर पर लोहे की गुप्ती से हमला कर दिया। स्कूटी सहित दोनों जीजा साला नीचे गिर गए। बबन के हाथ पर भी वार किया। बबन मौके से मदद के लिए घर की तरफ दौड़ गए। बदमाश प्रवीन लगातार आदिक के सिर में वार करता रहा और प्रतीक मौके से सोने और नकदी का बैग लेकर फरार हो गया। वहीं मौके से आरोपी प्रिंस भी चला गया। इसके बाद प्रवीन बाइक और प्रतीक प्राइवेट टैक्सी से अंबाला पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को दिनेश की ओर से की गई रेकी का सीसीटीवी फुटेज मिला तो यहीं से पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल चेक की तो मुख्य साजिशकर्ता प्रिंस के साथ मिलान हो गया। इसके बाद वीरवार दोपहर को सीआईए वन की टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
दो के बजाय एक स्कूटी होने पर मिला मौका
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि सोना कारीगर आदिक की दुकान पर छह कारीगर काम करते हैं। हर रोज दो स्कूटी पर सवार होकर घर की तरफ जाते थे लेकिन 3 जनवरी को किसी काम के कारण मयूर लैब के मालिक आदिक पाटिल और उनके साले बबन माने ही आए थे। इसकी जानकारी मुख्य साजिशकर्ता प्रिंस शर्मा और दिनेश को थी। इसीलिए लूट के लिए उन्हें सही मौका मिल गया। दुकान पर सुरक्षा के अभाव में उन्होंने सोना और नकदी नहीं रखी। चोरी न हो इसलिए वे घर लेकर जा रहे थे।