करनाल में भी बर्ड फ्लू की दस्तक।
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हरियाणा में पंचकूला के बाद करनाल में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। यहां कोहंड के कैलाश पोल्ट्री फार्म में पिछले दिनों मुर्गियों की मौत हो गई थी। जांच को नमूने जालंधर स्थित लैब भेजे गए थे। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। अब सैंपल भोपाल स्थित लैब भेजे गए हैं। जहां से दो दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। फिलहाल अधिकारियों ने क्षेत्र में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। साथ ही चिकन प्रोडक्ट, मुर्गियों को लाने और ले जाने पर रोक लगा दी है।
अगर भोपाल लैब में रिपोर्ट की पुष्टि होती है तो क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म में करीब छह से सात लाख मुर्गियों को मारा जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कोहंड में रविवार को टीम ने पहुंचकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया था। इस दौरान संचालक ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है।
उसने बर्ड फ्लू की आशंका भी जताई थी लेकिन विभाग को जालंधर भेजे गये सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार था। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कोहंड के कैलाश पोल्ट्री फार्म से मुर्गियों के सैंपल जांच को भेजे गए थे। इनकी प्राथमिक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है लेकिन पुष्टि के लिए सैंपलों को भोपाल लैब भेजा गया है। वहां से अंतिम रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी।
अभी पोल्ट्री फार्म के एक किमी क्षेत्र में चिकन, अंडा, मुर्गियों यानि पोल्ट्री प्रोडक्ट की आवाजाही (ट्रांसपोर्ट) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। भोपाल से अगर पुष्टि होती है तो एक किमी क्षेत्र को रेड जोन व 10 किमी क्षेत्र को ट्रांजेक्शन जोन घोषित कर दिया जाएगा। एक किमी क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म पर करीब छह-सात लाख मुर्गियां बताई जा रही हैं, इन्हें मारने का कार्य किया जाएगा। इन्हें दबाने के लिए गड्ढा खोदने, उसमें डालने के लिए देसी घी, जूट बैग्स आदि की तैयारी कर ली है। मुर्गियों को पकड़कर मारने के लिए टीम से संपर्क साधा जा रहा है। टीम के ठहरने व वाहनों आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है।