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बिल माफी के लिए लगाया जाम, पुलिस ने खदेड़ा

Tue, 08 Nov 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
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पुलिस करमी से बहस करती महिला - फोटो : amar ujala
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गांव स्टौंडी में बिजली का बिल माफ करने की मांग को लेकर दूसरे दिन महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए मूनक-करनाल मार्ग जाम दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर गया और पुलिस ने महिलाओं को सड़क से खदेड़ दिया। इससे दो महिलाओं को मामूली चोटें भी लगीं। इसके बाद महिलाएं पावर हाउस पर पहुंच गईं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेताया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मीटर उखाड़ कर उसमें आग लगा देंगी।
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सूचना मिलने पर एसडीओ प्रवीन दहिया मौके पर पहुंच और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। 
बता दें कि रविवार को गांव स्टौंडी की दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं सुबह 11 बजे एकत्र होकर स्टौंडी के पावर हाउस को ताला जड़ते हुए प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। महिलाओं को मौके पर तैनात बिजली कर्मचारियों ने इनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर गांव भेज दिया था, लेकिन सोमवार को महिलाओं को प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी बात करने नहीं पहुंचा। इससे महिलाएं मूनक-करनाल मार्ग पर पहुंच गईं और अपनी मांगों को लेकर बवाल काटा। लगभग आधा घंटे के बाद करनाल सदर पुलिस व बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांगों पर अडिग रहीं।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनको धक्के से सड़क से खदेड़ दिया। इससे वे गिर गईं और उनको चोट भी लगी। इसके बाद महिलाएं पावर हाउस पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं का कहना है कि रविवार को पावर हाउस में तैनात कर्मचारियों ने उनको आश्वासन दिया था कि सोमवार को जिला उपायुक्त पावर हाउस में पहुंचेंगे और उनकी समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन प्रशासन की ओर से मौके पर उनसे कोई भी अधिकारी मिलने नहीं आया। महिलाओं का कहना है कि उनके पूर्वजों ने गांव में पावर हाउस स्थापित करने के लिए लगभग 15 एकड़ जमीन बिजली विभाग को दी थी, लेकिन गांव में न तो सुचारु रूप से बिजली की सप्लाई आ रही है और बिल भी बहुत ज्यादा आ रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि अगर बिजली विभाग उनके बिल माफ नहीं करता, तो उनकी जमीन वापस कर दें।
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मीटरों में लगा देंगे आग
महिलाओं का कहना है कि पावर हाउस के साथ लगती कॉलोनी में दो माह का बिल आ रहा है, जबकि गांव से एक माह का बिल वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे कई बार अधिकारियों मिल चुके हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। महिलाओं ने चेताया कि अगर प्रशासन ने उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो वे गांव के मीटर उखाड़कर पावर हाउस में रखकर आग लगा देंगी। महिलाओं ने बताया कि सड़क जाम के समय पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसको लेकर उन्होंने गांव के लोगों से संपर्क किया, लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि गांव के सरपंच व पंचों को भी इस आंदोलन में सहयोग करने के लिए गुहार लगाई है, लेकिन वे भी बहानेबाजी कर टरका रहे हैं।

फूल नहीं चिंगारी हैं हम
पावर हाउस में तैनात पुलिस ने महिलाओं को गेट पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं गेट खोलकर पावर हाउस के अंदर घुस गई। महिलाओं ने पुलिस से कहा कि वे जेल जाने से नहीं डरतीं। महिलाओं ने सख्त रवैये में पुलिस को चेताया कि हम फूल नहीं, चिंगारी हैं और किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं हैं। महिलाओं का आरोप है कि रात के समय बिजली कर्मचारी मीटर रीडिंग लेने के बहाने उनके घर में घुस जाते हैं। इससे उन्हें खासी परेशानी होती है।

मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है बिल माफी : एसडीओ
एसडीओ प्रवीन दहिया ने बताया कि महिलाओं ने बिजली बिल ज्यादा आने की समस्या रखी है। यदि किसी को बिजली बिल की दिक्कत है तो वे उसकी जांच करवा देंगे। लेकिन महिलाएं पावर की जमीन खाली करने व बिजली बिल माफ करने की बात कह रही हैं, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वहीं रात के समय मीटर रीडिंग की बात पर उन्होंने कहा कि दिन के समय मीटर से सही रीडिंग नहीं ली जाती, इसलिए कर्मचारी शाम ढलने के बाद रीडिंग लेने जाते हैं।
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