माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खेल दिवस पर ‘स्वस्थ शरीर ही समृद्ध राष्ट्र का आधार’ परिकल्पना के साथ सेटनस फाउंडेशन की ओर से ‘फिट स्कूल मूवमेंट’ की शुरुआत की गई थी। इसके तहत लगातार बच्चों और किशोरों की क्षमताएं खोजी जा रही हैं। इसी कड़ी में रविवार को पुंडरक के राजीव गांधी खेल परिसर में स्कूली बच्चों का फिटनेस टेस्ट (बैटरी टेस्ट) लिया गया। इस टेस्ट में लगभग 200 बच्चों ने हिस्सा लिया। जिसमें 75 लड़कियां और 125 लड़कों ने अपने अभिभावकों के साथ पहुंच कर उत्साह के साथ टेस्ट दिया।
इस मुहिम का उद्देश्य किशोर और युवाओं के अंदर फिटनेस को लेकर जागरूकता पैदा करना है। फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को इस टेस्ट से होकर गुजारना है, ताकि समृद्ध राष्ट्र का सपना साकार हो सके। इसी कड़ी में स्कूलों के सहयोग से बच्चों के टेस्ट कर रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। जल्द रिपोर्ट कार्ड स्कूलों को दे दिए जाएंगे। साथ ही सभी बच्चों का डाटा फाउंडेशन के पास सुरक्षित रहेगा। जिससे समय-समय पर आकलन कर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह प्रक्रिया हर तीन माह में दोहराई जाएगी।
सेटनस फाउंडेशन के चेयरमैन सत्यवीर सिंह ने बताया कि फाउंडेशन इन टेस्टों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का जो कि झुग्गी और झोपड़ियों में रहते हैं और सरकार द्वारा दी जा रही खेल सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं, ऐसे बच्चों का चयन भी समय-समय पर करती है और पूरा खर्च भी वहन करती है। राजीव गांधी खेल परिसर में आयोजित इस फिटनेस टेस्ट को संपन्न कराने में फाउंडेशन की ओर से सह संस्थापक विकास कुमार, फेंसिंग कोच राजकुमार ऋतु कुमार, कोच स्मिता नेगी, पुंडरक गांव के वॉलीबॉल कोच राजेंद्र कुमार के अलावा लगभग 20 स्वयंसेवी गौरव, प्रिंस, अमित, चिन्ना, गौरव लिब्रो, तनीषा, मनजीत, मनीषा, तनु, मंजु और आकांक्षा ने इसमें अपना योगदान दिया।
क्या है बैटरी टेस्ट
देश में अभी तक यह टेस्ट केवल खिलाड़ियों के लिए प्रयोग में लाया जाता था। वहीं, अन्य देशों में इस टेस्ट का प्रयोग हर स्कूली बच्चों पर किया जाता है। तभी छोटे देश भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान पदक तालिका में हमारे देश से ऊपर रहते हैं। बैटरी टेस्ट (फिजिकल फिटनेस एप्टिट्यूड टेस्ट) के तहत बच्चों को आठ प्रकार के विभिन्न शारीरिक परीक्षण से गुजरना होता है। मुख्य तैर पर बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) के तहत वजन और हाइट जांची जाती हैं, फ्लेक्सिबिलिटी (शारीरिक लचक) का परीक्षण, कार्डियोवेस्कुलर एंडोरेंस (हृदय की मजबूती) का परीक्षण, स्पीड टेस्ट (तेजी से भागना) यानी 30 मीटर की दौड़, स्ट्रेंथ (शारीरिक ताकत) का परीक्षण।