जिला बार एसोसिएशन चुनाव में हर दिन नए-नए समीकरण बन रहे हैं। 22 दिसंबर को प्रस्तावित चुनाव को लेकर सभी दावेदार जीत के लिए जोड़तोड़ में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर दीपक सचदेवा की याचिका पर आज कोर्ट सुनवाई करेगा कि चुनाव होगा कि नहीं। इस तरह से देखें तो अब यह पूरा मामला चौतरफा हो गया है। हालांकि प्रधान पद के लिए तीन दावेदार एडवोकेट निर्मल स्टौंडी, एडवोकेट वीरेंद्र सिंह पहल व नरेंद्र चीमा ताल ने पहले ही ताल ठोंक रखी है। हाईकोर्ट ने बार काउंसिल समेत चुनाव अधिकारी व सहायक चुनाव अधिकारियों को नोटिस कर जवाब मांगा है। चुनाव का क्या होगा हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
वर्तमान प्रधान की दलील पूरे नहीं हुए एक साल
दरअसल, प्रस्तावित 22 दिसंबर के चुनाव के खिलाफ वर्तमान प्रधान दीपक सचदेवा द्वारा डाली गई याचिका डाली हुई है। दीपक सचदेवा इस चुनाव को गैरकानूनी करार दे रहे हैं और खुद के लिए पूरे एक साल का समय मांग रहे हैं। हाईकोर्ट ने उनकी इस दलील पर बार काउंसिल और चुनाव अधिकारियों को से चुनाव को लेकर आधार पूछा है। मामले को लेकर बुधवार को सुनवाई होगी।
क्या है मामला
गौरतलब है कि 9 सितंबर, 2016 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही करनाल बार एसो. में अकेले प्रधान पद का चुनाव हुआ था। इसमें सचदेवा ने निर्मल स्टौंडी को 66 मतों से पराजित किया था और प्रधान बने थे। अब बार काउंसिल के निर्देशों के आधार पर दोबारा से 22 दिसंबर को चुनाव रखा गया है। नामांकन दाखिल होने की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बता दें कि इससे पहले, इसी साल हुए चुनाव में निर्मल स्टौंडी और सचदेवा में एक वोट से जीत का अंतर रह गया था। दो बार गणना होने के बाद भी विवाद रहा, जो हाईकोर्ट तक पहुंचा। चुनाव के दौैरान पहले सचदेवा को एक वोट विजयी घोषित किया गया व बाद मेें निर्मल स्टौंडी को। इस फैसले के खिलाफ ही सचदेवा हाईकोर्ट पहुंचे थे। इस बारे में एडवोकेट दीपक सचदेवा का कहना है कि हाईकोर्ट ने बार काउंसिल व चुनाव अधिकारियों को नोटिस किया गया है। बुधवार को इस पर सुनवाई होगी। उधर, बार एसो. चुनाव के सहायक चुनाव अधिकारी अनुज गुप्ता ने कहा कि नोटिस हुआ है, हाईकोर्ट में तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा जाएगा।
चैंबरों से लेकर घर तक दस्तक दे रहे उम्मीदवार
जैसे-जैसे वोटिंग का दिन नजदीक आ रहा है मुकाबला और रोमांचक होता जा रहा है। उम्मीदवार वकीलों के चैंबरों से लेकर उनके घर तक दस्तक देने लगे हैं और वोट की अपील कर रहे हैं। जीत के लिए सभी हाथ पांव मार रहे हैं और रातभर एक दूसरे को हराने के लिए और अपने दावेदार को जीताने के लिए रणनीति भी बन रही हैं। पिछले कई दिन से कोर्ट में चुनाव को लेकर ही चर्चा हो रही है, वहीं एक दूसरे के समर्थक जीत के आंकड़े भी पेश कर रहे हैं।
1175 करेंगे चौधर का फैसला
नई चुनाव लिस्ट के अनुसार इस बार चुनाव में1175 वोटर अपने मत का प्रयोग करेंगे। पिछले साल वोटरों की संख्या 1394 थी। इसमें से करीब 200 वोटों को काटा गया है और 59 नए वोटों को जोड़ा गया है। नई लिस्ट में इस बार इंद्री बार एसोसिएशन और इनकम टैक्स विभाग के वोटरों का नाम शामिल नहीं किया गया है। बार एसो. में पांच पदों के लिए यही वोटर फैसला करेंगे। इससे पहले मोहित चौधरी को संयुक्त सचिव पहले ही चुना जा चुका है।