गांव गगसीना में भैंस के तबेले में चल रहे भ्रूण लिंग जांच मामले में पुलिस ने महिला सहित तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस भ्रूण लिंग जांच करने वाले डॉक्टर व दलाल की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही हिरासत में ले लिया जाएगा।
गौरतलब है कि बुधवार को रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह, जींद के डिप्टी सीएमओ व करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र ने नकली ग्राहक बनाकर टीम के साथ गांव गगसीना में बलकार सिंह के भैंस के तबले में भ्रूण लिंग जांच मामले का भंडाफोड़ किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बागडू निवासी महिला संतरों, सफीदों निवासी प्रवेश व गगसीना निवासी मकान मालिक बलकार सिंह को मौके पर ही दबोच लिया था, जबकि लिंग जांच करने वाला मुख्य चिकित्सक डॉ. पवन व सफीदों निवासी विनोद मौका पाकर फरार हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से एक आई-पेड सहित अन्य कई उपकरण बरामद किए थे और तीनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने महिला संतरो, प्रवेश व बलकार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी थी।
वीरवार को पुलिस ने महिला संतरो, प्रवेश व बलकार को न्यायालय में पेश कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजते हुए महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मूनक चौक प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले में लिप्त आरोपी डॉक्टर पवन व विनोद की धरपकड़ जारी है और जल्द ही दोनों को हिरासत में ले लिया जाएगा।