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Karnal News: मोटे और बारीक धान की आवक घटी, 1509 के भाव में उछाल

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- धान के लिए यूपी-हरियाणा सीमा अभी भी बंद, आढ़तियों को भारी घाटे की आशंका
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडियों में अब मोटे धान के साथ-साथ बारीक धान की आवक भी घट गई है। रविवार को खरीद बंद रहने के बाद सोमवार को दूसरे दिन अनाज मंडियों में धान की आवक एक लाख क्विंटल से भी नीचे आ गई है। जिसके कारण 1509 धान का भाव 3500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। बारीक धान की आवक घटने से जिले के चावल कारोबारियों व आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस बार बड़े घाटे की आशंका उत्पन्न हो गई हैं।
सोमवार की धान की खरीद 90 हजार 909 क्विंटल रही, जिससे अब तक की कुल खरीद 95 लाख 69 हजार 560 क्विंटल हो गई। इसमें 89 लाख 39 हजार 60 क्विंटल का उठान हो गया। मंडियों में अब छह लाख 30 हजार 500 क्विंटल ही धान शेष पड़ा है। मोटा धान के साथ साथ 1509 व 1121 आदि धान के लिए हरियाणा की सीमा नहीं खोली गई है। हरियाणा में मोटा धान लगभग 95 प्रतिशत मंडियों में आ चुका है। यही स्थिति 1509 धान की भी है। नई पंचायत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी के अनुसार तरावड़ी व निगदू आदि मंडियों को छोड़ दें तो करनाल आदि मंडियों में तो 1509, 1121, सीएसआर 30 आदि बासमती किस्मों का धान तो उत्तर प्रदेश से ही आता है। जिस पर रोक लगाए जाने के बाद चावल कारोबारियों, निर्यातकों, राइस मिलर्स के साथ साथ आढ़तियों को बड़ा घाटा होने की आशंका है। धान की कमी के कारण ही 1509 का भाव 3500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
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अब सरकार को धान के लिए सीमा खोलनी चाहिए : अरोड़ा
नई पंचायत अनाज मंडी करनाल के सचिव राजेश अरोड़ा ने बताया कि एमएसपी पर बिकने वाला मोटा धान अब लगभग 95 से 97 प्रतिशत तक आ चुका है। अब सरकार को बारीक धान को हरियाणा में आने से नहीं रोकना चाहिए। क्योंकि करनाल मंडी में यूपी आदि राज्यों से आने वाले बारीक धान का ही बड़ा कारोबार होता है। इससे हरियाणा मंडी को राजस्व क्षति पहुंच रही है।
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