संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नीलोखेड़ी की हेफेड कॉलोनी में कार चालक ने चार महिलाओं सहित छह लोगों को टक्कर मार दी। जिसमें दो की मौत व चार लोग घायल हो गए थे। इसी मामले में सैकड़ों लोगों के साथ सोमवार को परिजन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह पर पहुंचे और दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस दौरान समाज के लोग भी वहां एकत्रित हो गए और जिला प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मृतकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये, घायलों को 25-25 हजार रुपये तथा परिजन को एक सरकारी नौकरी व 10 गन लाइसेंस बनवाने की मांग की। जब प्रशासन ने ये मांगें नहीं मानी तो उन्होंने शाम के समय आंबेडकर चौक पर धरना देकर जाम लगा दिया। देर रात तक समाज के लोगों का धरना चलता रहा।
यह था मामला
नीलोखेड़ी की हैफेड कॉलोनी में अमन नाम का युवक तेज रफ्तार अपनी एंडेवर कार को पीड़ितों के घर के आगे से गुजारता था। इसकी शिकायत उन्होंने रविवार को आरोपी अमन के पिता बलविंद्र से की तो उसने उल्टे कह दिया कि उसका बेटा ऐसे ही कार चलाएगा। कुछ समय बाद अमन वहां कार लेकर आया और गली में खड़े परिवार के सदस्यों को टक्कर मार दी।। जिसमें एक ही परिवार की चार महिलाओं सहित 6 लोग घायल हो गए। उनमें राजरानी (42) और सुभाष (55) की मौत हो गई। जबकि जेठानी बेबी, देवरानी शीला, भतीजा रजनीश और भतीजे की बहू रणजीत कौर का अस्पताल में उपचार चल रहा है। दोनों मृतकों के शवों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी अमन व उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि अमन के बड़े भाई ने भी फेसबुक पर गलत टिप्पणी की हैं।
दस सदस्यों की बनाई कमेटी
सोमवार सुबह पीड़ित परिवार के सदस्य और वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वहां समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की। पहले उन्होंने जिला प्रशासन को दोपहर दो बजे तक का समय दिया। इसके बाद परिजन राजू, सोनिया तंवर सहित दस सदस्यों की कमेटी बनाई गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में ही डीसी निशांत कुमार से यह कमेटी मिली। उन्होंने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने, मृतकों को 50-50 लाख रुपये, घायलों को 25-25 हजार रुपये, मृतक के परिजन को एक सरकारी नौकरी व 10 गन लाइसेंस बनवाने की मांग रखी। डीसी ने आश्वासन दिया कि वह सीएम से इस बारे में बात करेंगे। तब तक दो शवों का पोस्टमार्टम करा घर ले जाकर संस्कार करें लेकिन समाज के लोग नहीं माने।
पांच बजे के बाद दिया धरना
मांगों को लेकर समाज के लोग सड़क पर उतर गए और उन्होंने आंबेडकर चौक पर धरना देकर जाम लगा दिया और मांगों पर अड़े रहे। समाज के लोगों को आश्वासन देने के लिए डीएसपी मुकेश व जय सिंह दो बार मिले और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन समाज के लोग नहीं माने, देर रात समाज के कुछ लोग यह कहकर चले गए कि वह सुबह दोबारा धरना देंगे लेकिन अधिकतर लोग वहीं बैठे रहे।