कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में एक्मो (एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) मशीन उपलब्ध कराई गई है। इस मशीन के स्थापित होने से आईसीयू व वेंटीलेटर के बाद इस मशीन के सहारे अति गंभीर मरीजों को कृत्रिम फेफड़े से सांस देकर लोगों को नया जीवन दिया जा सकेगा। केसीजीएमसी के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा ने बताया कि आईसीयू व वेंटीलेटर के बाद मरीज को अब एक्मो पर लेकर मरीज की जान को बचाया जा सकता है। यह मशीन मरीज के लिए दिल और फेफड़ों को ताजगी देने के लिए आखिरी उपचार है।
आज सीएम करेंगे उद्घाटन, 50 लाख रुपये आया खर्च
डा. जगदीश दुरेजा ने बताया कि उपायुक्त निशांत कुमार यादव के सहयोग से मुख्यमंत्री ने इस मशीन को केसीजीएमसी में तत्काल स्थापित करवाया। जिसका उद्घाटन 24 मई को मुख्यमंत्री चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से करेंगे। इसके उपरांत यह मशीन मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध रहेगी। इस मशीन का प्रयोग करने वाले डॉक्टर व अन्य स्टाफ का भी प्रबंध कर लिया गया है। इस मशीन को स्थापित करने में करीब 50 लाख रुपये खर्च आया है। सीएम ने अपने मुख्यमंत्री कोष से इस मशीन को मंगाया है।
डा. दुरेजा ने बताया कि हरियाणा में इससे पहले यह मशीन रोहतक मेडिकल कॉलेज में थी, अब करनाल में भी स्थापित हो गई है। जब मरीज आखिरी स्टेज पर होता है तो इसे आईसीयू के बाद इस मशीन पर लाया जाता है। इस मशीन से कृत्रिम फेफड़ों से सांस दी जाती है और बाहर ऑक्सीजन एड हो जाती है और कार्बनडाईऑक्साइड बाहर निकल जाती है। कई मरीजों के फेफड़े इस प्रक्रिया में काम करने शुरू कर देते हैं और मरीज के जीवन के बचने की आशा बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया से पहले मरीज अंतिम क्षणों में होता है।