करनाल। कोरोना से लड़ने के लिए जिले के 75 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए तीसरे सीरो सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हुआ है। जो कि पिछले एक साल में 54.3 प्रतिशत अधिक है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2020 में भी सीरो सर्वेक्षण कराया गया था।
अगस्त 2020 में सीरो सर्वेक्षण की रिपोर्ट में 12.2 प्रतिशत एंटीबॉडी पाई गई थी तो सितंबर 2020 में यह बढ़कर 20.7 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। एक साल बाद सितंबर 2021 तक यह 75 प्रतिशत तक पहुंच गई। प्रदेश की बात करें तो कुरुक्षेत्र में सबसे अधिक 85 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई। वहीं फरीदाबाद में सबसे कम 64.2 प्रतिशत लोगों में एंटी बॉडी पाई गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सितंबर में सीरो सर्वे कराया गया था। इस दौरान जिले में 2202 लोगों के रक्त के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 1652 लोगों में एंटीबॉडी पाई गई। संवाद
सैंपल लेने के लिए बनाए थे 55 क्लस्टर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीरो सर्वे के लिए 55 क्लस्टर बनाए गए थे। जिसमें अर्बन क्षेत्र में 22 और 33 रूरल क्षेत्र में बनाए थे। टीम ने हर क्लस्टर से 40 रक्त के सैंपल लिए थे। जिनकी संख्या 2202 थी। इनमें पुरुषों की संख्या 998 और महिलाओं की संख्या 1198 थी। इनमें 1001 व्यक्ति वे शामिल थे जिन्हें वैक्सीन लग चुकी थी। वहीं कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति भी शामिल थे।
गांव-शहर शामिल
सर्वे के दौरान शहर में 881 लोग थे, जिनमें 40 प्रतिशत और ग्रामीण 1321 लोगों में 60 प्रतिशत एंटीबॉडी पाई गई। इसी प्रकार 998 पुरुषों में 45.3 प्रतिशत और 1198 महिलाओं में 54.4 प्रतिशत में एंटीबॉडी पाई गई है।
सर्वेक्षण में ये भी शामिल
इस सर्वेक्षण में विभाग की टीम ने विद्यार्थियों, बैंक कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी, किसान, मजदूर, हाउस वाइफ, निजी काम करने वाले, व्यापारी व बुजुर्ग शामिल थे। जिनका रक्त का सैंपल लिया गया था। स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल किए गए थे।
उम्र सैंपल लिए
6-9 203
10-17 614
18-29 214
30-39 324
40-49 310
50-59 217
60 से उपर 320
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सितंबर में तीसरा सीरो सर्वेक्षण कराया गया था। इस दौरान 2202 लोगों के सैंपल लिए गए थे। जिनमें 6 वर्ष से अधिक के बच्चे, पुरुष, महिलाएं व बुजुर्ग शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार 1652 लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है जो 75 प्रतिशत है।
- डॉ. अन्नू, जिला निगरानी अधिकारी, करनाल