घरौंडा। घरौंडा में एक शादी से दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत सामाजिक संदेश दिया गया। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन भवन में 5-6 फरवरी की रात आयोजित विवाह समारोह के दौरान दूल्हे अंकित ने दुल्हन पक्ष की ओर से दिए गए छह लाख रुपये और अन्य सामान को बीच रस्म में ही लौटा दिया।
दुल्हन के परिजन ने टीका कर नकदी भेंट की तो अंकित ने सम्मानपूर्वक उसे माथे से लगाया। 500 रुपये की गड्डी से केवल एक नोट निकाला और उसे शगुन के रूप में अपने पास रख लिया। शेष रकम लौटा दी। उन्होंने शादी में दिया गया फर्नीचर और अन्य उपहार भी लौटा दिए। इसके बाद विवाह की सभी रस्में सादगी और खुशी के माहौल में पूरी की गईं।
अंकित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव के रहने वाले हैं। पंचकूला की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। दुल्हन आरती घरौंडा की निवासी हैं। स्नातकोत्तर करने के बाद एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। आरती के पिता ओमबीर राणा ने बताया कि परंपरा के अनुसार दहेज देने की तैयारी की गई थी। हालांकि लड़के वालों ने स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए।
अंकित के बड़े भाई की शादी में भी दहेज नहीं लिया गया था। शगुन में मात्र एक रुपया स्वीकार किया गया था।