संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस अधिनियम की फास्ट ट्रैक अदालत ने नशा तस्कर बबलू को दोषी मानते दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जिला न्यायवादी डॉ. पंकज सैनी ने बताया कि मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी ऋषि शर्मा ने की। 19 अक्तूबर, 2020 को नारकोटिक्स सेल की टीम असंध थाना के जलमाना क्षेत्र में मौजूद थी। सूचना मिली कि जलमाना गांव निवासी बबलू नशे के लिए प्रयोग की जाने वाली गोलियां और कैप्सूल बेचने का काम करता है। वह कुडलन की ओर से जलमाना की तरफ आएगा।
टीम ने कुडलन रोड पर वाल्मीकी मंदिर के पास नाका लगा लिया। बबलू आया तो उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास नशीला पदार्थ होने का नोटिस दिया। जांच की तो आरोपी के कब्जे से 1400 गोलियां ट्रामाडोल की बरामद हुईं। पुलिस ने उसके खिलाफ असंध थाना में एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की। उसे अदालत में पेश करके जेल भेज दिया था।
सहायक जिला न्यायवादी ऋषि शर्मा ने बताया कि मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस एक्ट की फास्ट ट्रैक अदालत ने बबलू को दोषी मानते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अगर दोषी जुर्माना जमा नहीं करवाएगा तो उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।