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अंकित हत्याकांड : आरोपियों पर दो लाख रुपये का इनाम

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल/असंध। अरड़ाना गांव निवासी अंकित की हत्या के मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली है। ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपियों का नाम बताने वाले व्यक्ति को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।

डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि 17 अगस्त की सुबह दुपेड़ी गांव के पास अरड़ाना गांव निवासी अंकित का शव मिला था। जिसके बारे में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी लेकिन अभी किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसमें अब पुलिस ने जानकारी देने वाले व्यक्ति को दो लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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मृतक अंकित के भाई मास्टर देवेंद्र शर्मा ने बताया कि 17 अगस्त से पुलिस जांच में लगी है। हालांकि हत्या के करीब 23 दिन बाद उसके भाई की बाइक राजौंद के पास नहर में जरूर मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने आस पास के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए थे लेकिन अभी तक आरोपियों को पकड़ने में नाकामयाब रही है। उन्होंने बताया कि परिवार इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है लेकिन कोई इंसाफ नहीं मिल रहा। पुलिस केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन आज तक हत्या को अंजाम देने वालों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।



झाड़ियों के पास मिला था अंकित का शव

17 अगस्त की रात को सालवन-असंध मार्ग पर गांव दुपेड़ी के पास झाड़ियों में मिले सुरक्षा गार्ड अंकित शर्मा (26) का शव पोस्टमार्टम के 20 घंटे बाद परिजनों ने उठाया था। पैतृक गांव में दोपहर करीब तीन बजे अंकित का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले कार्रवाई की मांग अड़े परिजनों के साथ पुलिस अधिकारियों की करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में परिजनों ने पुलिस को एक सप्ताह में आरोपियों को पकड़ने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन अभी तक पुलिस कुछ नहीं कर पाई।
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मामा से मंगवाए थे पेट्रोल के लिए रुपये

18 अगस्त की सुबह 6.35 बजे गांव दुपेड़ी के पास झाड़ियों में पानीपत की निजी कंपनी में कार्यरत सुरक्षा गार्ड अंकित शर्मा का शव मिला था। जोकि रात को ड्यूटी खत्म करके कार्यालय से निकला था लेकिन घर नहीं पहुंचा। रात को सालवन के पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल डलवाने के बाद भुगतान को लेकर अंकित ने मामा विजय से बात करके एक हजार रुपये भुगतान के लिए मंगवाए थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था। रात भर परिजन ढूंढते रहे। सुबह उनका मोबाइल फोन ऑन होने के बाद जब कॉल किया तो किसी ने उनका शव झाड़ियों में पड़े होने की सूचना दी थी।
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