पशुपालन विभाग की ओर से शुक्रवार को सेक्टर 33 के मैदान में आयोजित पशु मेले में दाहा जागीर गांव के सोहन सिंह का बकरा बादल आकर्षण का केंद्र बना रहा। तोतापुरी नस्ल के बादल को सोहन सिंह ने पूरे चाव से पाला हुआ है। यहां के वातावरण में इस नस्ल को इतना महत्व नहीं दिया जाता लेकिन सोहन सिंह ने तोतापुरी नस्ल को इस वातावरण में पालकर एक अलग उदाहरण पेश किया। बादल की उम्र तीन साल है और वजन करीब 90 किलो। कीमत करीब 90 हजार रुपये बताई जा रही है। लेकिन सोहन सिंह से बेचना नहीं चाहता। वह नस्ल को बढ़ावा देना चाहता है।
सोहन सिंह ने बताया कि इस नस्ल के बकरे राजस्थान में ज्यादा मिलते हैं। बकरे की खुराक में एक निश्चित मात्रा में भुने हुए चने, गुड़, बिनौला खल, मक्का, चोकर व बाजरा दिया जाता है। बकरी पालन चराई पर निर्भर होता है इसलिए वह अपने मवेशियों को चराने भी ले जाता है। उसे तोतापुरी नस्ल को पालने में यहां के वातावरण में कोई दिक्कत नहीं हुई। इस नस्ल के छोटे बच्चे की कीमत 15 हजार से अधिक है। जन्म के बाद एक साल की आयु में इसका बच्चा वयस्क हो जाता है।