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हरियाणा: आंगनबाड़ी वर्कर्स की रोजाना लगेगी नीति क्लास, प्रभातफेरी से जागरूकता का प्रयास, रोजाना पांच जिलों की वर्कर्स होंगी शामिल

Thu, 17 Feb 2022 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गगन तलवार, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने आंदोलन की कमाल संभाल ली है। अब आंदोलन का नए अंदाज में संचालन होगा। रोजाना पांच जिलों से वर्कर्स आएंगी। कल की वार्ता असफल रही तो किसानों की तर्ज पर मोर्चा लगाएंगे।
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फव्वारा पार्क में धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के आंदोलन की अब राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने कमान संभाल ली है। नए अंदाज में आंदोलन के संचालन की खास योजना भी बनाई गई है। जिसके तहत अब रोजाना धरने पर आंगनबाड़ी वर्कर्स की नीति क्लास लगेगी। इससे पहले शहर में प्रभातफेरी निकालकर उनके साथ हो रहे अन्याय को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।

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ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की राष्ट्रीय महासचिव शकुंतला का कहना है कि यदि 18 फरवरी को सरकार के साथ होने वाली वार्ता विफल रही तो किसानों की तर्ज पर सीएम सिटी में मोर्चा लगाएंगे। नीति क्लास में रोजाना सरकार की एक योजना की पोल खोली जाएगी।

इससे संबंधित विषय के विशेषज्ञ भी बुलाएंगे। जो बताएंगे कि योजना से सरकार कैसे कर्मचारियों के शोषण की तैयारी की जा रही है। किस योजना से अधिकारों का हनन होगा। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन का कहना है कि प्रशासन के आह्वान पर धरने पर वर्कर्स की संख्या घटाई है।
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धरने पर केवल 500 वर्कर्स एवं हेल्पर्स ही रहेंगी। रोजाना पांच जिलों की वर्कर्स शामिल होंगी। करनाल के वर्कर्स रोजाना आएंगे। इसके लिए जिलों के हिसाब से सूची भी बनाई गई है। बुधवार को कैथल, पानीपत और सोनीपत से वर्कर्स पहुंची।

इस दिन इस जिले के वर्कर्स धरने पर पहुंचेंगीं

  • 17 फरवरी : कुरुक्षेत्र, सोनीपत, पानीपत, जींद, करनाल
  • 18 फरवरी : सिरसा, फतेहाबाद, पानीपत, सोनीपत, करनाल
  • 19 फरवरी : कैथल, पानीपत, सोनीपत, करनाल
  • 20 फरवरी : करनाल जिले के सभी छह खंड की वर्कर्स
  • 21 फरवरी : कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और करनाल खंड


हर जिले से 100 वर्कर्स आने का आह्वान
आंदोलन के संचालन के लिए विशेष योजना बनाई है। हर जिला मुख्यालय पर भी धरने चलेंगे। इसके अलावा जिस दिन जिस जिले की ड्यूटी करनाल पड़ाव पर है, वहां से खंड के हिसाब से 100 वर्कर्स प्रत्येक जिले से आएंगी। दूर से आने वाले साथी दो दिन करनाल ही ठहरेंगे। प्रभातफेरी भी रोजाना अलग-अलग क्षेत्र में जाएगी। रोजाना दोपहर ढाई बजे प्रदर्शन किया जाएगा। - शकुंतला, राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स

सरकार अनदेखी कर रही है। इधर वर्कर्स में रोष बढ़ रहा है। मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। आंदोलन को जारी रखने के लिए पूरी तैयारी है। - बिजनेश राणा, सचिव करनाल

 

सरकार मांगें पूरी करे, 18 को होने वाली बातचीत निर्णायक होनी चाहिए। अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। - संतोष रानी, कैथल

 

पोषण ट्रेकर एप लागू करके सरकार व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है लेकिन इसके लिए स्मार्ट फोन दिए नहीं गए तो एप कैसे चलाएं। - लक्ष्मी देवी, पाई कैथल

 

सरकार चार साल से वेतन बढ़ोतरी की घोषणा पूरी नहीं कर पाई तो आगे महिलाओं के हित में निर्णय होंगे, ये कैसे मान लें। सरकार को मांगें माननी पड़ेंगी। - सोना देवी, सोनीपत

 

आंदोलन में आए हैं तो जीतकर ही घर लौटेंगे। यदि सरकार नहीं मानी तो आंदोलन में बच्चों को भी साथ लेकर आएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। - केला देवी, महेंद्रगढ़

 

सरकार को किए वादे पूरे करने होंगे। इतने कम वेतन में घर का गुजारा नहीं किया जा सकता, जितना सरकार देती है। हमारी मांगें कोई नई नहीं हैं। - सरला देवी, अटेली खंड

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