आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के आंदोलन की अब राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने कमान संभाल ली है। नए अंदाज में आंदोलन के संचालन की खास योजना भी बनाई गई है। जिसके तहत अब रोजाना धरने पर आंगनबाड़ी वर्कर्स की नीति क्लास लगेगी। इससे पहले शहर में प्रभातफेरी निकालकर उनके साथ हो रहे अन्याय को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
हर जिले से 100 वर्कर्स आने का आह्वान
आंदोलन के संचालन के लिए विशेष योजना बनाई है। हर जिला मुख्यालय पर भी धरने चलेंगे। इसके अलावा जिस दिन जिस जिले की ड्यूटी करनाल पड़ाव पर है, वहां से खंड के हिसाब से 100 वर्कर्स प्रत्येक जिले से आएंगी। दूर से आने वाले साथी दो दिन करनाल ही ठहरेंगे। प्रभातफेरी भी रोजाना अलग-अलग क्षेत्र में जाएगी। रोजाना दोपहर ढाई बजे प्रदर्शन किया जाएगा। - शकुंतला, राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स
सरकार अनदेखी कर रही है। इधर वर्कर्स में रोष बढ़ रहा है। मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। आंदोलन को जारी रखने के लिए पूरी तैयारी है। - बिजनेश राणा, सचिव करनाल
सरकार मांगें पूरी करे, 18 को होने वाली बातचीत निर्णायक होनी चाहिए। अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। - संतोष रानी, कैथल
पोषण ट्रेकर एप लागू करके सरकार व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है लेकिन इसके लिए स्मार्ट फोन दिए नहीं गए तो एप कैसे चलाएं। - लक्ष्मी देवी, पाई कैथल
सरकार चार साल से वेतन बढ़ोतरी की घोषणा पूरी नहीं कर पाई तो आगे महिलाओं के हित में निर्णय होंगे, ये कैसे मान लें। सरकार को मांगें माननी पड़ेंगी। - सोना देवी, सोनीपत
आंदोलन में आए हैं तो जीतकर ही घर लौटेंगे। यदि सरकार नहीं मानी तो आंदोलन में बच्चों को भी साथ लेकर आएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। - केला देवी, महेंद्रगढ़
सरकार को किए वादे पूरे करने होंगे। इतने कम वेतन में घर का गुजारा नहीं किया जा सकता, जितना सरकार देती है। हमारी मांगें कोई नई नहीं हैं। - सरला देवी, अटेली खंड