आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की हड़ताल के 51 दिन हो चुके हैं। आंदोलन को तेज करते हुए वीरवार को वर्कर्स काली चुनरी ओढ़कर सड़कों पर उतरीं। कर्ण पार्क में सभा के बाद हाथों में काले झंडे लेकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दूसरे राज्यों में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को मिलने वाले वेतन का ब्योरा भी प्रदर्शित किया।
जुलूस के रूप में हुए प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन की जिला प्रधान रूपा राणा व सचिव बिजनेश राणा ने की। सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, सचिव जगपाल राणा, उपप्रधान ओपी माटा व जोगा सिंह ने कहा कि सरकार ने 24 जनवरी को वर्कर्स व हेल्पर्स के बारे अलग-अलग राज्यों के मानदेय के आंकड़े रखकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की हैै जोकि सत्य नहीं है।
सरकार ने दावा किया है कि हरियाणा वर्कर्स व हेल्पर्स को मानदेय देने के मामले में दूसरे नंबर पर है। उन्होंने बताया कि हम तथ्यों के आधार पर बताना चाहते हैं कि हरियाणा दूसरे पर नहीं 5वें नंबर पर है। पांडिचेरी व तमिलनाडु में वर्कर्स व हेल्पर्स को कर्मचारी का दर्जा मिला है। पांडिचेरी में वर्कर्स व हेल्पर्स का मानदेय क्रमश: 19480 व 13330, तेलंगाना में 13650 व 7800, तमिलनाडु में 13453 व 7720, केरल में 13000 व 8750 और मध्य प्रदेश में 10 हजार व पांच हजार रुपये मिल रहा है।
नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सितंबर 2018 में वर्कर्स के मानदेय में 1500 और हेल्पर्स के मानदेय में 750 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी लेकिन हरियाणा में ये लागू नहीं हुई। इस अवसर पर रीना, ऊषा राणा, ललिता, पिंकी, कविता, राजबीर, अनीता, ममता, बबीता और नीलम मौजूद रहे।