फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान महापंचायत: दो घंटे में ध्वस्त हुआ प्रशासन का सुरक्षा चक्र, एक-एक कर टूटते गए नाके

Wed, 08 Sep 2021 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)

सार

प्रशासन की मोर्चाबंदी में करनाल में कुल पांच पुलिस रेंज से जवान तैनात रहे। इनमें गुरुग्राम कमीश्नरी, साउथ रेंज रेवाड़ी, रोहतक, हिसार और करनाल रेंज के जिलों के कुल 2550 जवान शामिल हैं।
विज्ञापन
करनाल में बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते किसान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करनाल में लघु सचिवालय के घेराव को लेकर किसानों के शहर में प्रवेश से रोकने के लिए प्रशासन का सुरक्षा चक्र किसानों के आगे महज दो घंटे में ध्वस्त हो गया। सोमवार शाम से की गई प्रशासन की किलेबंदी को किसानों के हुजूम ने मंगलवार शाम 6:15 मिनट पर उस समय पूरी तरह भेद दिया, जब वे सचिवालय तक पहुंच गए।
विज्ञापन


सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर 18 जगह नाकाबंदी करते हुए 150 से ज्यादा रेत बजरी से लदे ट्रक और ट्राले लगाए थे। इसके बावजूद महापंचायत स्थल नई अनाज मंडी से लेकर सचिवालय के गेट तक रास्ते में पड़ने वाले सभी पांच नाकों को किसानों ने ध्वस्त कर दिया। करनाल समेत छह जिलों के पुलिस अधीक्षक और 25 डीएसपी के सामने किसानों ने पैरामिलिट्री समेत पुलिस के 3400 जवानों को नाकाबंदी से पीछे हटाया और सचिवालय का घेराव किया।


हालांकि किसानों ने लघु सचिवालय में प्रवेश नहीं किया, लेकिन एक घंटे की बैठक के बाद शाम साढ़े 7 बजे यहीं पर ही अपना अनिश्चितकालीन डेरा डालने की घोषणा कर दी। सचिवालय के बंद मुख्य द्वार के अंदर बीएसएफ और बाहर आरपीएफ ने घेरा डाला हुआ है। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन ड्रोन से भी नजर रखे हुए है।
विज्ञापन


महिला फोर्स समेत पांच कंपनियां सचिवालय की सुरक्षा में रही तैनात
अंतिम नाके लघु सचिवालय की सुरक्षा के लिए महिला फोर्स समेत पांच कंपनियों की तैनाती की गई थी। यहां बीएसएफ, आरएएफ, आईटीबीपी के जवान मोर्चे पर डटे रहे। वहीं प्रशासन की मोर्चाबंदी में करनाल में कुल पांच पुलिस रेंज से जवान तैनात रहे। इनमें गुरुग्राम कमीश्नरी, साउथ रेंज रेवाड़ी, रोहतक, हिसार और करनाल रेंज के जिलों के कुल 2550 जवान शामिल हैं। पुलिस की कुल 30 कंपनियों के अलावा बीएसएफ, आरएएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ की कुल 10 कंपनियां भी तैनात की गई हैं। प्रत्येक कंपनी में 85 जवान रहे।

आईएएस और एचसीएस अधिकारी ही लगाए ड्यूटी मजिस्ट्रेट
नेशनल हाईवे पर नई अनाज मंडी से बलड़ी बाईपास चौक और लघु सचिवालय रोड समेत लगे कुल 14 नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट केवल आईएएस और एचसीएस स्तर के अधिकारियों को ही लगाया गया था। इनके अधीन भी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अलग अलग विभागों के कार्यकारी अभियंता को एक एक नाके की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन वे भी किसानों को रोकने में नाकाम रहे।

मंडी में निगम आयुक्त ने विरोध भी झेला
नई अनाज मंडी के ड्यूटी मजिस्ट्रेट नगर निगम आयुक्त को नारेबाजी के कारण किसानों का विरोध भी झेलना पड़ा। इसके अलावा मंडी के गेट-3 पर एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, एचएसआईडीसी प्वाइंट, ब्रह्मानंद चौक, नमस्ते चौक और औद्योगिक क्षेत्र के नाके पर एसडीएम घरौंडा, सेक्टर-6 चौक और मेरठ रोड पर एमडी शुगर मिल, सचिवालय के नजदीक निर्मल कुटिया चौक पर एडीसी करनाल व लघु सचिवालय और बलड़ी बाईपास पर एसडीएम इंद्री को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। इसके अलावा आईटीआई चौक और बसताड़ा टोल एसडीएम असंध की ड्यूटी रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें