संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के मालिक डॉ. राजीव गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी पवन को अदालत ने दोषी करार दिया है। वहीं, दो आरोपियों रमन व शिवकुमार को अदालत ने बरी कर दिया। दोषी को 27 मई को जिला कोर्ट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सजा सुनाई जाएगी। यह जानकारी डीडीए सुभाष चंद ने दी। इस मामले को तीन साल होने वाले हैं। डॉ. राजीव गुप्ता आईएमए के अध्यक्ष भी रह चुके।
छह जुलाई 2019 की शाम साढ़े छह बजे डॉक्टर राजीव अपने ड्राइवर साहिल के साथ क्रेटा कार में सवार होकर पुराने अस्पताल से नए अस्पताल आईटीआई चौक अमृतधारा की ओर आ रहे थे। जब उनकी कार सेक्टर-16 चौक के समीप ब्रेकर पर धीमी हुई तो आरोपी पवन ने डॉक्टर पर छह राउंड फायर किए। इनमें से तीन गोली डॉक्टर की छाती पर लगी। आरोपी पवन के साथ उसके साथी रमन व शिवकुमार भी थे। इसके बाद ये बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। घायल अवस्था में जब डॉक्टर को उनके अस्पताल अमृतधारा आईटीआई चौक में लाया गया तो डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक उन्हें बचाने के पूरे प्रयास किए, लेकिन बाद में दम तोड़ दिया था।
10 घंटे बाद कर लिए थे काबू
पुलिस की सीआईए वन टीम ने करीब 10 घंटे बाद ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया। इस दौरान आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आरोपी पवन 10 साल से डॉ. राजीव के अस्पताल में डायलिसिस तकनीशियन के पद पर कार्य करता था। दिसंबर 2018 में उसे डॉक्टर ने नौकरी से निकाल दिया। आरोपी ने कई अस्पतालों में नौकरी के लिए प्रयास किए, लेकिन उसे किसी ने नहीं रखा। ऐसे में आरोपी पवन को लगा कि डॉक्टर राजीव उसकी नौकरी नहीं लगने दे रहे। इसी कारण वह दो महीने से डॉक्टर को मारने की साजिश रच रहा था।